वर्ष 2016 जिले के गरीबों के लिए मुफीद साबित हुआ। साल भर में केंद्र और और प्रदेश सरकार ने जिले के 7977 गरीबों को आशियाना मुहैया कराया। इनमें 70 फीसदी लोहिया आवास बनकर तैयार हो गए हैं तो बाकी पर काम चल रहा है। प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों का चयन कर उनके खाते में रकम भेजने के लिए ऑनलाइन फीडिंग की जारी है।
वित्तीय वर्ष 2016-17 में जिले के गरीबों पर केंद्र और सूबे की सरकार मेहरबान रही। केंद्र सरकार द्वारा इस साल जिले के 7235 आवासहीनों को आशियाना मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया था। शासन से लक्ष्य आने के बाद जिले के जिम्मेदारों ने 498 ग्राम सभाओं में पात्रों का चयन कराया। चयन प्रक्रिया पूरी होने के इन पात्रों को आवास की रकम दिए जाने के लिए खाता नंबर, नाम, फोटो और आधार की आनलाइन फीडिंग की जा रही है। फीडिंग पूरी होते ही शासन से लाभार्थियों के खाते में प्रति आवास एक लाख 20 हजार रुपये पहुंच जाएगा। विभागीय अफसरों की माने तो लाभार्थियों के खाते में सप्ताह भर के भीतर आवास का पैसा पहुंचेगा।
जबकि सूबे की सरकार ने 742 गरीबों को लोहिया आवास देने का लक्ष्य साल भर का रखा था। प्रदेश सरकार द्वारा लाभार्थियों के खाते में धनराशि चयन प्रक्रिया पूरी होने के तत्काल भेज दिया। इसके चलते 70 फीसदी लोहिया आवास बनकर तैयार भी हो गए हैं। अधूरे आवासों का निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए अफसरों द्वारा मातहतों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। कुल मिलाकर वर्ष 2016 जिले के 7977 गरीबों को आशियाना मुहैया कराने वाला रहा। आवास निर्माण होने के बाद यह गरीब पक्की छत के नीचे चैन की सांस जल्द लेने लगेंगे।
107 आंगनबाड़ी केंद्रों का हुआ निर्माण
वित्तीय वर्ष 2016-17 में जिले को आंगनबाड़ी केंद्रों की भी सौगात मिली है। किराये के भवनों में चल रहे 107 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। प्रति केंद्र के लिए राज्य सरकार ने जरिए विभाग दो लाख रुपये मुहैया कराया। इन केंद्रों के निर्माण के लिए पांच लाख रुपये मनरेगा और एक लाख छह हजार रुपये पंचायती राज विभाग द्वारा राज्य वित्त से मुहैया कराया गया है। सभी आवासों का निर्माण आठ लाख छह हजार रुपये की लागत से कराया गया है। केंद्रों का निर्माण होने के बाद 107 आंनगाबाड़ी केंद्रों को किराए के भवन से निजात मिल गई है। अब यह केंद्र भी खुद के भवन से संचालित होने लगे हैं।
शौचालयों की मिली सौगात
वित्तीय वर्ष 2016-17 ग्रामीण स्वच्छता मिशन के लिए भी मुफीद रहा। इस साल खुले में शौच करने वाले गरीबों के लिए पंचायती राज विभाग द्वारा 21 हजार 240 शौचालय का निर्माण कराया गया है। शासन की मदद से घर में शौचालय बनने से गांव गंदगी को कम करने में मदद तो मिली ही गरीबों को भी सम्मान से जीने का हक मिला है।
केंद्र और प्रदेश सरकार ने जिले के गरीबों को आवास मुहैया कराने के लिए लक्ष्य भेजा था। इसके अलावा गांवों को साफ सुथरा बनाए रखने के लिए शौचालय सहित विभिन्न भवनों के निर्माण की धनराशि आई है। सारे निर्माण कार्य लगभग पूर्ण होने की कगार पर हैं।
डॉ. दिनेश कुमार सिंह, सीडीओ