चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
दहेज हत्या के करीब आठ साल पुराने एक मामले की सुनवाई करते हुए गुरुवार को अदालत ने आरोपी पति, सास और ससुर को उम्र कैद की सजा सुनाई। सभी पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। घटना पिपरी इलाके में वर्ष 2011 में हुई थी।
चरवा कोतवाली क्षेत्र के सैयद सरावां निवासी राकेश कुमार यादव ने बताया कि उसने अपनी बहन सुमन का विवाह वर्ष 2007 में पिपरी इलाके के भगवतपुर गांव में सोनू उर्फ नीरज से किया था। आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज में दो लाख रुपये की मांग को लेकर ससुराली विवाहिता को प्रताड़ित करने लगे। इसकी जानकारी होने पर रिश्तेदारों ने पंचायत की। सभी ने ससुराल वालों को समझाया। पर, उनके रवैये में सुधार नहीं हुआ। पीड़ित की मानें तो 24 अक्तूबर 2011 को दहेजलोभियों ने पीट-पीटकर उसकी बहन को मौत के घाट उतार दिया। मामले में मृतका के भाई की तहरीर पर आरोपी पति सोनू उर्फ नीरज, ससुर राममगन व सास सावित्री उर्फ गुड़िया के खिलाफ केस दर्ज हुआ।
विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया। गुरुवार को एफटीसी कोर्ट प्रथम के जज प्रमोद कुमार ने प्रकरण की सुनवाई की। इस दौरान शासकीय अधिवक्ता अब्दुल लतीफ ने 13 गवाहों की गवाही कराई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपया जुर्माने की सजा सुना दी। कोर्ट का फैसला आते ही मृतका के मायके वालों की आंखें भर आईं। उन्होंने कहा कि दोषियों को फांसी के फंदे तक पहुंचाने से पहले वह चैन की सांस नहीं लेंगे।