सेवानिवृत्त रेलकर्मी की हत्या के दोषी बहू-बेटों समेत पांच को उम्रकैद
-मंझनपुर कस्बे के गांधी नगर मोहल्ले में 20 जून 2021 को हुई थी घटना
-अपर जिला जज प्रथम की अदालत ने सुनाया फैसला, दोषियों पर जुर्माना भी लगा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। अपर जिला जज प्रथम राकेश कुमार की अदालत ने शुक्रवार को हत्या के एक अहम मुकदमे की सुनवाई की। कोर्ट ने सेवानिवृत्त रेलकर्मी की हत्या में बहू-बेटों समेत पांच लोगों को दोषी करार दिया। सभी दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही प्रत्येक पर 15,500 रुपये के अर्थ दंड भी गलाया है।
वादी अभियोजन के अनुसार मंझनपुर कोतवाली के स्थानीय कस्बे के गांधीनगर मोहल्ले का बैजनाथ रेलकर्मी था। सेवानिवृत्ति के बाद मिले फंंड के रुपये का उसके बेटे बंटवारा चाह रहे थे। जबकि, बैजनाथ बेटी पूजा की शादी करने के बाद बची रकम को बेटों में बांटना चाह रहा था। इसे लेकर 20 जून 2021 को बेटे सुरेंद्र ने अपनी पत्नी मनोज देवी उर्फ आरती, बेटे सचिन, भाई वीरेंद्र व उसकी पत्नी (भयाहू) ललिता देवी के साथ मिल सब्बर और लोहे की राड से पीटकर हत्या कर दी थी। दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में मृतक के तीसरे व सबसे छोटे बेटे नरेंद्र पाल ने अपने दोनों भाई, भाभी और एक भतीजे समेत छह के खिलाफ नामजद मुकदमा पंजीकृत करा दिया। विवेचना के दौरान एक आरोपी को पुलिस ने क्लीन चिट देते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमा अपर जिला जज प्रथम राकेश कुमार की अदालत में चला। शासकीय अधिवक्ता अनिरुद्ध मिश्रा ने सात गवाहों को अदालत में पेश कर बयान कराया। कोर्ट ने गवाहों के बयान सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया।