मंझनपुर। कलक्ट्रेट के सम्राट उदयन सभागार में शनिवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। इसमें डीएम अमित कुमार सिंह ने जननी सुरक्षा योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीकारण कार्यक्रम, एमसीटीएस, नगरीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम, कुष्ठ निवारण कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, पीसीपीएनडीटी तथा राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। इसके अलावा जिलाधिकारी ने सभी प्राइवेट अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप से लगवाने का निर्देश दिया। ऐसा नहीं करने पर अस्पतालों का लाइसेंस निरस्त करने का भी निर्देश भी सीएमओ को दिया।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि वो आशाओं को घर-घर भेजकर गर्भवती महिलाओं को चिह्नित कर उनका रजिस्ट्रेशन कर शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रसूताओं को मिलने वाले इंसेटिव का भुगतान समय से उनके खाते में प्रेषित किए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रसव होने के बाद प्रसूता को अस्पताल में 48 घंटे अवश्य रखें। ताकि, जच्चे एवं बच्चे का निरंतर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा सके। जिलाधिकारी ने सभी एमओआईसी को उपकेंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित बनाए रखने का निर्देश दिया। डीएम ने शिविर लगाकर परिवार कल्याण कार्यक्रमों के प्रति लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया।
चयनित उप स्वास्थ्य केंद्रों पर बनाए गए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को निरंतर क्रियाशील रखने की भी बात कही। चिकित्सकों को समय से अस्पताल में बैठकर मरीजों का उपचार करने के लिए कहा। चेताया कि किसी भी दशा में बाहर से दवा लिखने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई कर दी जाएगी। बैठक में सीडीओ शशिकांत त्रिपाठी, सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहित स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।