नकल व प्रश्नोत्तर की फीस बढ़ाए जाने से खफा जिला कचहरी के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को भी कामकाज ठप रखा। अधिवक्ता सुबह से ही कचहरी के अंदर जाने वाले सभी मार्गों में डट गए थे। उन्होंने किसी को भी कचहरी में प्रवेश नहीं करने दिया। वकीलों के प्रदर्शन को लेकर फोर्स भी बुलाई गई थी। हालांकि, हंगामे की आशंका को लेकर न्यायिक अफसर भी कोर्ट नहीं पहुंचे।
जिला कचहरी में नकल निकालने के लिए लगने वाली फीस को 10 से बढ़ाकर सौ रुपये कर दी गई है। इसी तरह प्रश्नोत्तर लेने का शुल्क भी पांच से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है।
कोरोना काल के बाद अचानक फीस बढ़ाए जाने से अधिवक्ताओं में गुस्सा है। अधिवक्ता बढ़ी हुई फीस वापस लेने के लिए सप्ताह भर से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को माडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनुदेव त्रिपाठी व महामंत्री तुषार तिवारी की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने कचहरी गेट पर धरना दिया। कचहरी के अंदर किसी को भी जाने नहीं दिया गया। हालांकि, अधिवक्ताओं के विरोध-प्रदर्शन की जानकारी अफसरों को भी थी।
इस कारण सुबह ही कचहरी में फोर्स बुला ली गई थी। अधिवक्ताओं के आंदोलन को देखते हुए अफसर भी कोर्ट नहीं पहुंचे। शाम तक विरोध-प्रदर्शन के बाद अधिवक्ता लौट गए। महामंत्री तुषार तिवारी ने कहा कि किसी जिले में एक साथ दस गुना फीस नहीं बढ़ाई गई। फीस बढ़ाने से वादकारियों को ज्यादा पैसा देना पड़ेगा।
बढ़ी फीस वापसी नहीं होने तक विरोध जारी रहेगा। मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान आनंद कुमार शुक्ला, उपेंद्रनाथ शुक्ला, पवन तिवारी, रमेश कुमार, हेमेंद्र पांडेय सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।