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अंतिम दफा मां से फोन पर बात कर महिला आरक्षी ने दी थी जान

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महिला कांस्टेबल मृतक रुचि सचान की फाइल फोटो - फोटो : KAUSHAMBI
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कड़ाधाम कोतवाली में तैनात महिला आरक्षी रुचि सचान के खुदकुशी की गुत्थी सुलझ नहीं सकी। पुलिस ने रुचि के कमरे की तलाशी ली लेकिन वहां कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। छानबीन के दौरान यह पता चला कि अंतिम दफा शनिवार सुबह रुचि की अपनी मां से बात हुई थी। इसके बाद फोट कट करने के बाद उसने दोबारा कॉल रिसीव नहीं की।
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कानपुर शहर के बर्रा-2 में रहने वाले धर्मेंद्र सचान एक बेटा अमन सचान व बेटी रुचि सचान थे। अमर एयरफोर्स में नौकरी करता है, जबकि रुचि 2019 में सिपाही चुनी गई। छह महीने पहले ट्रेनिंग के बाद उसकी पोस्टिंग कड़ाधाम कोतवाली में हुई। रुचि देवीगंज बाजार में किराए का कमरा लेकर रहती थी। स्थानीय पुलिसकर्मियों की माने तो रुचि पिछले कुछ दिनों से तनाव में थी। रविवार को उसकी ड्यूटी कड़ाधाम मेले में लगी थी लेकिन वह नहीं गई।
पुलिसकर्मियों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। पिता धर्मेंद्र सचान ने बताया शनिवार सुबह रुचि की फोन पर बात मां से हुई। इसके बाद उसने फोन काट दिया। रुचि अक्सर फोन काट देते थी और बाद में अपनी तरफ से फोन लगा लिया करती थी। दोपहर में मां ने कई बार फोन लगाया लेकिन काल रिसीव नहीं हो सकी। जिसके बाद उन्होंने कड़ाधाम कोतवाली के इंस्पेक्टर चंद्रभूषण मौर्य को फोन किया। पुलिस पहुंचने के बाद रुचि के खुदकुशी की जानकारी हुई।
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हनुमान घाट में किया गया अंतिम संस्कार
सिपाही रुचि सचान का शव पोस्टमार्टम के बाद कड़ाधाम के हनुमान घाट ले जाया गया। यहां सीओ सिराथू डॉ. केजी सिंह, इंस्पेक्टर चंद्रभूषण मौर्य ने पुलिसकर्मियों के साथ चिता सजाई। इसके बाद रुचि के इकलौते भाई अमन के आ जाने पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। अमन की तैनाती अंबाला में है।
रुचि के कमरे में मिली बाइक की रही चर्चा
आरक्षी रुचि सचान के कमरे में एक बाइक मिली है। पता चला कि यह बाइक क्षेत्र में ही तैनात एक पुलिसकर्मी है। पुलिस कर्मी के रुचि के यहां आना-जाना था। इसे लेकर तमाम तरह की चर्चा रही। हालांकि इस बारे में पुलिस कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
रुचि की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उसकी मौत शनिवार रात को हुई थी। परिवार के लोगों ने हनुमान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया। घरवाले आरक्षी के खुदकुशी के पीछे का कारण नहीं बता पा रहे हैं।
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चंद्र भूषण मौर्य, इंस्पेक्टर कड़ाधाम
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