कुपोषण के शिकार राम-लक्षमण के साथ परिजन।
- फोटो : amar ujala
सदर ब्लाक के दुर्गापुर गांव में जुड़वा भाई कुपोषण की चपेट में आ गए हैं। बच्चों की हालत गंभीर है। एक का पैर खराब हो चुका है जबकि दूसरे का पेट फूलता चला आ रहा है। इनका वजन भी लगातार कम हो रहा है। आंगनबाड़ी से लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी तक इससे अनजान बने हैं।
दुर्गापुर निवासी बिट्टूराम सेवक मजदूरी कर परिजनों का भरण पोषण करता है। सात माह पहले बिट्टूराम सेवक की पत्नी सावित्री ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। इनका नाम राम व लक्ष्मण रखा गया। सावित्री एनिमिक थी। इसका असर बच्चों पर भी पड़ा। दिनोंदिन राम और लक्ष्मण की हालत खराब होती जा रही है। दोनों का वजन पंाच किलो के आसपास है।
चिकित्सकों के मुताबिक इनका वजन साढ़े छह किलो से ज्यादा होना चाहिए। इस बीच राम का एक पैर लुंज होता जा रहा है। उसका पैर टिक नहीं रहा है, जबकि लक्ष्मण का पेट तेजी से फूल रहा है। शरीर की हड्डियां भी दिख रही हैं। माता-पिता जुड़वा बेटों की इस स्थिति से परेशान हैं।
स्थानीय अस्पताल से वह इलाज करा रहे हैं लेकिन कोई लाभ नहीं मिल रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री की जिम्मेदारी है कि वह इन बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराए लेकिन उसने ऐसी कोई रिपोर्ट जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय को नहीं भेजी है। जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश मिश्र इससे बेखबर हैं।