वजन दिवस के प्रथम चरण का अभियान जिले के चार ब्लॉकों की ग्राम सभाओं और दो नगर पंचायतों में चलाया गया। अभियान में वजन के दौरान साढ़े आठ हजार बच्चे अति कुपोषित मिले। चौंकाने वाले परिणाम सामने आने पर अफसरों के होश उड़ गए। अभियान में मिले अति कुपोषित बच्चों को हौसला पोषण से जोड़कर उन्हें स्वस्थ करने की कवायद शुरू हो गई है।
जिले के जीरो से पांच साल के बच्चों में कुपोषण की हकीकत खंगालने के लिए शासन के निर्देश पर शनिवार को पहले चरण का वजन दिवस अभियान चलाया गया। यह अभियान जिले के सिराथू, सरसवां, कौशाम्बी और चायल ब्लॉक की ग्राम सभाओं और सिराथू, चायल नगर पंचायत के कुल 964 आंगनबाड़ी केंद्रों पर चला। एक लाख 18 हजार 971 के सापेक्ष विभाग ने 93 फीसदी बच्चों का वजन करने का दावा किया है। पहले दिन कराए गए वजन में 8 हजार 543 बच्चे अति कुपोषित पाए गए। कुपोषण के आंकड़े की जानकारी जिले के जिम्मेदारों को हुई तो हड़कंप मच गया। प्रथम चरण के अभियान में मिले अति कुपोषित बच्चों को अब हौसला पोषण योजना से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। इन बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर पौष्टिक भोजन के साथ-साथ दूध, घी और फल देकर स्वास्थ्य सुधारने की कवायद की जाएगी।
नहीं सुधर सका स्वास्थ्य
शासन के निर्देश पर जिले भर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर हौसला पोषण योजना तीन अगस्त से चल रही है। इस योजना के अंतर्गत जीरो से पांच साल के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार देकर उनके स्वास्थ्य में सुधार की कवायद की जाती है, लेकिन वजन दिवस ने हौसला पोषण योजना की हकीकत से पर्दा उठा दिया है। पहले चरण में मिले अति कुपोषित साढ़े आठ हजार बच्चे महकमे के जिम्मेदारों और आंगनबाड़ी केंद्र की संचालिकाओं की कार्यशैली की ओर इशारा कर रहे हैं। बहरहाल पहले चरण के वजन दिवस में अति कुपोषित बच्चों के मिले आंकड़े चौंकाने वाले हैं। इसे लेकर महकमे के जिम्मेदार के अलावा कार्यक्रम की मानीटरिंग कर रहे जिला स्तरीय अधिकारी भी हैरान हैं।
वजन दिवस में मिले साढ़े आठ हजार अति कुपोषित बच्चों का आंकड़ा चौंकाने वाला है। इनकी निगरानी की जाएगी। आने वाले दिनों में जिले को कुपोषण मुक्त करने की कोशिश रहेगी।
राकेश कुमार मिश्र, डीपीओ