संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मंगलवार को हुई 1607 संदिग्धों की जांच में सात लोग पॉजिटिव मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इनके इलाज की व्यवस्था कराने के साथ ही संपर्क में आए लोगों की तलाश में जुट गई हैं। वहीं, 24 घंटे के भीतर छह मरीज ठीक भी हुए हैं।
सर्विलांस अधिकारी डॉ. यश अग्रवाल ने बताया कि रोजाना की तरह मंगलवार को भी जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी एवं कंटेनमेंट जोन में शिविर लगाकर 1607 संदिग्धों की कोविड जांच कराई गई। इनमें से पांच सौ से ज्यादा लोगों का स्वॉब सैंपल लेकर आरटीपीसीआर जांच के लिए प्रयागराज स्थित लैब भेज दिया गया।
इस दौरान जिले के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले सात लोग पॉजिटिव मिले। संक्रमितों में मंझनपुर, मूरतगंज एवं नेवादा क्षेत्र के दो-दो तथा चायल इलाके का एक व्यक्ति शामिल है। जबकि रिपोर्ट निगेटिव आने के कारण छह मरीज ठीक भी हो गए हैं।
सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि अब तक मिले 1607 संक्रमितों में 1432 मरीज ठीक हो चुके हैं। जिले का रिकवरी रेट 89 फीसदी के आसपास है। फिलहाल, 152 मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद हुई बार एसोसिएशन महामंत्री राजेंद्र द्विवेदी की मौत
बार एसोसिएशन के महामंत्री राजेंद्र द्विवेदी की रिपोर्ट निगेटिव आने के कुछ घंटे बाद ही सांसे थम गई। नेवादा क्षेत्र के रहने वाले अधिवक्ता काफी समय से हृदय और शुगर से ग्रसित थे। उनका इलाज प्रयागराज के निजी अस्पताल में चल रहा था।
सर्विलांस अधिकारी डॉ. यश अग्रवाल ने बताया कि अधिवक्ता राजेंद्र द्विवेदी ने 25 सितंबर को तकलीफ बढ़ने पर पीएचसी नेवादा पहुंचकर एंटीजेन टेस्ट कराया था। रिपोर्ट निगेटिव आने पर घर वापस चले थे। लेकिन, अगले ही दिन फिर दिक्क्त महसूस हुई तो वह दोबारा पीएचसी नेवादा पहुंचे।
वहां उनका स्वॉब सैंपल लेकर आरटीपीसीआर जांच के लिए भेज दिया गया था। साथ ही डॉक्टरों ने उन्हें इलाज के लिए प्रयागराज रेफर कर दिया था। एसआरएन में ट्रूनॉट जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें कोविड एल-3 अस्पताल में भर्ती करा दिया। सोमवार की शाम द्विवेदी की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी सेहत में सुधार नहीं होने पर कोविड वार्ड से निकालकर एसआरएन अस्पताल में इलाज किया जा रहा था। जहां मंगलवार की सुबह उनका निधन हो गया।