बेमौसम की बारिश से बर्बाद हुई फसलों की इमदाद शुक्रवार से किसानों को बंटने लगेगी। पहले दिन तीनों तहसील के चिह्नित 10 गांवों में मुआवजा बांटने के लिए शिविर लगेंगे। इमदाद बांटने के लिए डीएम ने 85 जिलास्तरीय अफसरों की ड्यूटी भी लगाई है। मार्च-अप्रैल में हुई बेमौसम की बारिश और ओलावृष्टि से कौशाम्बी में फसलों की भारी तबाही हुई है। तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश में गिरकर गेहूं समेत रबी सीजन की ज्यादातर फसलें बर्बाद हो गई थीं। गिरी फसलों में अन्न ही नहीं निकल रहे हैं। इसके सदमे में किसानों की मौतें भी जारी हैं। प्रशासन के ही सर्वे में जिले में 77 फीसदी से अधिक फसल बर्बाद हुई है। गाटावार कराए गए आंकलन के मुताबिक मौसम की मार से करीब 1.50 लाख किसानों की 71 करोड़ रुपये की फसल का नुकसान हुआ है।
डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेजकर 71 करोड़ रुपये की राशि मुआवजे के लिए मांगी भी है। पर, अभी शासन से पहली किश्त के रूप में सिर्फ 2.50 करोड़ रुपये ही आया है। जिलाधिकारी राजमणि यादव ने बताया कि शुक्रवार से पीड़ित किसानों को मुआवजा बांटने का काम शुरू किया जाएगा। पहले दिन सिराथू तहसील के चक आइमापुर, यदवीरपुर, त्रिलोकपुर, लेहदरी, धारूपुर, चायल तहसील के मितवापुर, काजीपुर, मंझनपुर तहसील के बनीखास, मोहनपुर चंपहा, पश्चिम सरावां गांवों में शिविर लगाकर किसानों को मुआवजे का चेक दिया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी ने तीनों उप जिलाधिकारियों के साथ ही 85 जिलास्तरीय अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई है। बताया कि ड्यूटी पर लगाए गए अफसर आवंटित ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर राहत राशि वितरित कराएंगे। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।