कौशाम्बी ब्लॉक के कायमपुर की ग्राम प्रधान प्रीति पांडेय को डीएम ने निलंबित कर वित्तीय अधिकार सीज कर दिया। ग्राम प्रधान पर शौचालय निर्माण में लाखों रुपये के गोलमाल का आरोप है। साल भर पहले हुई की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई हुई है।
वर्ष 2018 में कायमपुर के ग्रामीणों ने तत्कालीन डीएम को हलफनामा देकर ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत आवंटित शौचालयों की धनराशि में गोलमाल करने का आरोप लगाया था। जिलाधिकारी के निर्देश तत्कालीन बीएसए व आरईएस के जेई की दो सदस्यीय टीम ने आरोपों की।
टीम ने 2019 में जांच रिपोर्ट पंचायतीराज विभाग को सौंप दी थी। जांच में करीब पौने तीन लाख रुपये का गोलमाल पकड़ा गया था। इस बीच ग्रामीण अफसरों का चक्कर लगाते रहे, लेकिन, आरोपी ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी।
नए जिलाधिकारी के आगमन के बाद शिकायतकर्ताओं ने मामले में कार्रवाई की मांग की। डीएम अमित कुमार सिंह ने डीपीआरओ से पत्रावली तलब की। जांच रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद मंगलवार को डीएम ने ग्राम प्रधान प्रीती पांडेय को निलंबित कर वित्तीय अधिकार सीज कर दिया। साथ ही मामले की जांच पीडी डीआरडीए को सौंप दी। डीएम ने तत्कालीन वीडीओ के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
पंचायत भवन निर्माण में गड़बड़ी पर मंगौरा के सचिव सस्पेंड
सदर ब्लॉक के तैयाबपुर मंगौरा गांव में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत पंचायत भवन का निर्माण कराया जा रहा है। 24 सितंबर को सीडीओ शशिकांत त्रिपाठी ने गांव पहुंचकर पंचायत भवन का निरीक्षण किया था। जांच में पता चला कि मानक दरकिनार कर पंचायत भवन का निर्माण किया जा रहा था। सीडीओ ने बताया कि भवन का पिलर नींव की बजाय कुर्सी से खड़ा किया जा रहा था।
पिलर में लगी रिंग सरिया के बजाय पतली तार की थी। तृतीय दर्जे की ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा था। मौके पर मौजूद सीमेंट भी जमी थी। पूरे मामले में सीडीओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी बुद्ध प्रकाश की लापरवाही पकड़ी। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को डीपीआरओ गोपालजी ओझा ने आरोपी सचिव को सस्पेंड कर दिया।