तहसील क्षेत्र के ग्राम दुर्गापुर में कोटा आवंटन में अनियमितता का आरोप लगाकर भूख हड़ताल पर बैठे दो ग्रामीणों की हड़ताल बिगड़ गई। सूचना पर प्रशासन ने सीएचसी चायल से चिकित्सकों की टीम गांव भेजी। चिकित्सकों ने ग्रामीणों की जांच की। लेकिन, दोनों ग्रामीण दवा लेने से इनकार कर रहते रहे।
दुर्गापुर गांव में सोमवार को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के आवंटन के प्रस्ताव को लेकर बैठक थी। बैठक मे मौजूद अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए बगैर चुनाव के जय मां दुर्गे महिला स्वयं सहायता समूह के नाम कोटे का प्रस्ताव कर दिया।
इसके बाद ग्रामीणों ने अधिकारियों की गाड़ी का घेराव किया और धांधली का आरोप लगाया। हंगामें की सूचना पर पुलिस के साथ गांव पहुंचे तहसीलदार श्याम कुमार ने मौखिक आश्वासन देकर ब्लॉक के अधिकारियों को वहां से निकाला।
जिसके बाद सोमवार शाम से ही ग्रामीण गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ गए। भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीणों की मांग है कि एसडीएम गांव आएं और सोमवार को हुए प्रस्ताव को निरस्त कर निष्पक्ष चुनाव के लिए अगली तारीख का लिखित आदेश दें।
इस संबंध में ग्रामीणों ने एसडीएम को लिखित शिकायत भी दी है। एसडीएम ज्योति मौर्य का कहना है कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराई जा रही है। आरोप सही पाए जाने पर प्रस्ताव निरस्त कर दोबारा निष्पक्ष चुनाव कराया जाएगा। इधर, भूख हड़ताल पर बैठे दो ग्रामीणों की हालत बिगड़ गई।
सूचना पर चायल से स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची। टीम ने ग्रामीणों को दवा देने को प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण इनकार करते रहे।
विधायक ने फोन कर दिया आश्वासन
चायल। कोटा आवंटन में निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे दुर्गापुर गांव के शैलेंद्र द्विवेदी ने बताया कि सोमवार रात क्षेत्रीय विधायक संजय गुप्ता ने उन्हें फ़ोन कर हर तरह की मदद का आश्वासन दिया है। विधायक ने संबंधित अधिकारियों से बात कर कोटा आवंटन के लिए नियमानुसार चुनाव कराने को कहा है।