हाईवे चौड़ीकरण को लेकर चल रही खुदाई के दौरान केसरिया गांव के समीप दो नरकंकाल मिले। बरामद नर कंकाल पिता-पुत्र के बताए जा रहे हैं। दोनों की 21 साल पहले एक अग्निकांड में मौत हुई थी। परिजनों ने हाईवे किनारे उन्हें दफना दिया था। जेसीबी की खोदाई मिले नर कंकालों को परिजनों ने सिपाह गांव में दोबारा दफना दिया।
इन दिनों कानपुर (चकेरी) से कोखराज तक हाईवे को चार से छह लेन में तब्दील किया जा रहा है। हाईवे चौड़ीकरण के लिए जेसीबी से खुदाई कराई जा रही है। सोमवार को खुदाई का काम केसरिया गांव के समीप चल रहा था। इसी बीच जमीन के नीचे दफन दो नरकंकाल मिले। एक ही जगह पर दो नरकंकाल मिलने से हड़कंप मच गया। जेसीबी चालक ने फौरन इसकी जानकारी एनएचआई के अधिकारियों को दी। एनएचआई के अधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
पूछताछ में पता चला कि नर कंकाल केसरिया गांव के ही गुलाम गौस व उसके बेटे अकबर अली के हैं। 21 साल पहले आग लगने से पिता-पुत्र की मौत हो गई थी। मौत के बाद परिजनों ने हाईवे किनारे दोनों का शव दफना दिया था। उस वक्त हाईवे फोर लेन थी। जानकारी होने के बाद सूचना गुलाम गौस की पत्नी खातून बानो को दी गई। सूचना के बाद मौके पर परिजनों के साथ पहुंची खातून बानो ने अधिकारियों से बातचीत के बाद कंकाल को बाहर निकलवाया। कफन भी सुरक्षित था। कंकाल व कफन को लेकर परिजन कोठी सिपाह गांव पहुंचे और दोबारा दफन किया। इस दौरान मौके पर लोगों की खासी भीड़ लगी रही।