मंझनपुर। सबकुछ ठीक रहा तो कौशाम्बी जनपद में जल्द ही एक नई तहसील बन सकती है। पश्चिम के पड़ोसी जनपद फतेहपुर के धाता क्षेत्र को कौशाम्बी में शामिल कर भरवारी नाम की नई तहसील बनाने की कवायद की जा रही है। चायल क्षेत्र के विधायक संजय गुप्ता ने इसकी पहल तेज कर दी है। ऐसा हुआ तो जिले में तीन की जगह चार तहसील हो जाएंगी। हालांकि यह सब लोकसभा चुनाव के बाद ही संभव दिख रहा है।
कौशाम्बी जिले के पूरामुफ्ती और पिपरी कोतवाली क्षेत्र के 69 गांव पड़ोसी जनपद प्रयागराज में शामिल कर दिए गए हैं। इसके बाद जिले में राजस्व गांवों की संख्या 879 हो गई है। इससे जिले का मानक पूरा नहीं हो रहा है। इसके लिए एक ही विकल्प है कि पश्चिम के पड़ोसी जनपद फतेहपुर के धाता क्षेत्र को शामिल किया जाए। वहां के लोग भी कौशाम्बी में शामिल होना चाहते हैं। इसके लिए वे वर्षों से आंदोलन भी कर रहे हैं। दरअसल धाता से जिला मुख्यालय फतेहपुर की दूरी तकरीबन 60 किमी है। जबकि कौशाम्बी का जिला मुख्यालय मंझनपुर करीब 15 किमी दूर है। इससे जिले का मानक पूरा करने के लिए इस क्षेत्र को कौशाम्बी से जोड़ा जा सकता है। इसे लेकर जिला प्रशासन की ओर से शासन को प्रस्ताव भी भेजा चुका है। चायल क्षेत्र के भाजपा विधायक संजय गुप्ता का कहना है कि जिले के 69 गांव प्रयागराज में शामिल होने के बाद से इसके लिए पहल तेज कर दी गई है।
बताया कि मसला केवल धाता क्षेत्र को फतेहपुर से काटकर कौशाम्बी में जोड़ने भर का नहीं है। बल्कि धाता के शामिल होने के बाद जिले में एक नई तहसील के गठन का भी है। क्योंकि धाता क्षेत्र के कौशाम्बी में जुड़ते ही तकरीबन डेढ़ लाख वोटरों की संख्या बढ़ जाएगी। दूसरी तरफ जिले की तीनों तहसीलों में मानक से करीब 20-20 हजार वोटर अधिक हैं। लिहाजा धाता क्षेत्र जुड़ने के बाद एक नई तहसील भी बनवाई जाएगी। जिसका मुख्यालय भरवारी होगा। इसके बाद आयोग से परिसीमन कराके जिले की चौथी विधानसभा क्षेत्र का गठन कराया जाएगा। हालांकि जानकारों का कहना है कि प्रक्रिया लंबी है। इसमें अभी वक्त लगेगा। वही डीएम का कहना है कि फतेहपुर जिले के धाता के पांच कानूनगो क्षेत्र को कौशाम्बी में शामिल करने की प्रक्रिया काफी दिनों से चल रही है। इस बाबत शासन को प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है। अब निर्णय शासन को लेना है।