kaushambi police on alert expecting to caste clash in district due to hathras kand
- फोटो : KAUSHAMBI
मंझनपुर। हाथरस से उठी जातीय तनाव की चिंगारी तथागत की तपस्थली यानी कौशाम्बी तक नहीं पहुंचे, इसे लेकर पुलिस अलर्ट हो गई है। एएसपी ने खुफिया एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। सोशल नेटवर्किंग साइट्स की भी निगरानी शुरू करा दी है। एएसपी खुद भी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।
हाथरस में हुई शर्मनाक घटना के बाद जातीय तनाव की चिंगारी सुलग उठी है। हाथरस से लेकर ताला नगरी अलीगढ़ तक सवर्ण समाज के लोग आरोपियों के पक्ष में बैठकें व विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे दोषियों को बेकसूर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अभी हाल ही में हाथरस में हुई एक बैठक का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है। जिसमें वक्ता कह रहे हैं कि प्रकरण ऑनरकिलिंग का है और आरोपियों को बिन जमानत रिहा किया जाए। ये वीडियो कौशाम्बी में भी तेजी से फैल रहा है। इस तरह के वीडियो से यहां भी जातीय तनाव न फैले, इसे लेकर पुलिस सभी तरह की तैयारियां कर रही है। एएसपी समर बहादुर ने बताया कि साइबर सेल को फेसबुक, ट्वीटर, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम जैसी साइटों की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। किसी ने भी विवादित आडियो/वीडियो पोस्ट किया तो रिपोर्ट लिखकर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एएसपी ने खुफिया एजेंसियों को भी खुराफाती तत्वों पर नजर रखने का निर्देश दिया है। हालांकि अभी कौशाम्बी में सवर्ण समाज की ओर से किसी तरह की कोई बैठक आदि सर्वजिनिक तौर पर नहीं की गई है। सोशल साइट पर भले ही तमाम लोग सक्रिय हैं।
हाथरस की घटना की अब सीबीआई जांच होगी। साफ है दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। वैसे एसआईटी जांच भी निष्पक्ष ही होती है। जातीय तनाव न फैले इसे लेकर खुफिया एजेंसियों व साइबर सेल को चौकन्ना किया गया है। -समर बहादुर, एएसपी