मंझनपुर/भरवारी। तालाब, सार्वजनिक जमीनों की तरह ही कौशाम्बी में दबंगों का सरकारी हैंडपंपों पर भी कब्जा है। दबंगों की यह मनमानी दोआबा के दर्जनों गांव में है। लोग हैंडपंपों को चहारदीवारी में कैद कर रखे हैं। इसमें सबमर्सिबल पंप लगा लिया है। खुद कब्जेदार तो हैंडपंप के पानी से जानवरों को नहलाने, फुलवारी की सिंचाई कर रहे हैं जबकि वे गांववालों को इसमें से बाल्टीभर पानी भी नहीं भरने देते हैं। इससे ग्रामीणों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। आरोप है कि शिकायत के बाद भी उच्चाधिकारी दबंगों की इस मनमानी पर लगाम नहीं लगा पा रहे हैं। इसे लेकर गांव में तनातनी बनी है।
कौशाम्बी के 440 गांवों में रहने वाली करीब 17 लाख की आबादी को पेयजल मुहैया कराने के लिए लगभग 28 हजार इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं। सालाना हैंडपंपों की संख्या बढ़ती भी जा रही है। फिर भी कई गांवों में पानी की समस्या से लोगों को जूझना ही पड़ रहा है। इसकी वजह जलनिगम के साथ ही जिले के अफसरों की अनदेखी और दबंगों की मनमानी है। अफसरों की अनदेखी के कारण ही भरवारी के दरवेशपुर, सरायअकिल के खरका, सिराथू के देवीगंज समेत कई गांव और मोहल्लों में दबंगों ने हैंडपंप पर कब्जा कर रखा है।
दरवेशपुर के प्रधान मनोज त्रिपाठी ने बताया कि उनके गांव के तो एक व्यक्ति ने सरकारी हैंडपंप को घर की चहारदीवारी के भीतर कर लिया है। इतना ही नहीं उसने इस सरकारी हैंडपंप पर सबमर्सिबल पंप लगा लिया है। इससे बिजली रहने पर वह जहां अपने जानवरों को अंधाधुंध पानी से नहलाता है। फुलवारी की भी सिंचाई की जाती है। जबकि आसपास के अन्य घर के लोगों को वह सरकारी हैंडपंप से पानी तक नहीं भरने देता है। प्रधान ने बताया कि कई बार उन्होंने खुद जाकर हैंडपंप पर कब्जे का विरोध किया, लेकिन कब्जेदार झगड़े पर उतारू हो जाता है। आरोप है कि इसकी शिकायत उन्होंने बीडीओ, एसडीएम और जलनिगम के अफसरों से भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी तरह सरायअकिल के खरका मोहल्ले में भी एक व्यक्ति ने हैंडपंप पर कब्जा कर लिया है। वह आसपास के अन्य घर के लोगों को पानी भरने से मना करता है।
विरोध करने पर मारपीट पर अमादा हो जाता है। इसे लेकर सोमवार को खरका मोहल्ले में मारपीट भी हुई थी। पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर मोहल्ले के लोगों ने मंझनपुर आकर बुधवार को एसपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन भी किया था। फिर भी इस मसले पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले में जलनिगम के एक्सईएन जेएन उपाध्याय का कहना है कि ऐसी कोई शिकायत उनके संज्ञान में नहीं है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।