नगर पंचायत सिराथू ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम में एक और कामयाबी हासिल की है। एसडीएम ने बनपुकरा में फर्जी तरीके से कब्जा की गई साढ़े चार बीघा कृषि भूमि काश्तकारोें से छीनकर नगर पंचायत के नाम दर्ज कराने का फैसला सुनाया है। इससे भू-माफियाओं के होश उड़ गए हैं। बता दें कि नगर पंचायत सिराथू की खाली पड़ी सरकारी भूमि पर तमाम स्थानीय लोगों ने कब्जा कर रखा है। इतना ही नहीं लोगों ने अभिलेखों में हेराफेरी कर सरकारी भूमि अपने नाम भी दर्ज करा रखी है।
नगर के चेयरमैन राजेंद्र कुमार यादव ने इसके खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। इसके पूर्व उन्होंने 32 बीघा भूमि विपक्षियों से मुक्त कराई थी। दूसरी कामयाबी नगर पंचायत को एसडीएम सिराथू के यहां से मिली। एसडीएम ने 10 जुलाई को दिए फैसले में रोशन लाल, राकेश कुमार, दीपक कुमार, भुवनेश्वर, श्याम लाल, श्रीमती सावित्री देवी पुत्रगण गया प्रसाद का नाम काटकर भूमि नगर पंचायत के खाते में दर्ज करवा दिए। जिरह में काश्तकारों द्वारा फर्जी तरीके से राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज करवाए जाने की पुष्टि हुई। कोर्ट के इस फैसले से नगर पंचायत की कब्जा की गई साढ़े 4 बीघा भूमि वापस आ गई है। चेयरमैन राजेंद्र यादव का कहना है कि नगर पंचायत में भूमि वापस आने से भू-माफियाओं में हड़कंप मचा है।