दोआबा के दर्जनों गांवों के किसानों को मौसम की मार से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा अभी तक नहीं दिया गया है। इसकी वजह से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुआवजा देने में की जा रही देरी को लेकर अन्नदाताओं में सरकार और अफसरों के प्रति नाराजगी है। ऐसे में किसी भी दिन अन्नदाताओं का गुस्स फूट सकता है।
बता दें कि मार्च-अप्रैल में बेमौसम की बारिश, ओलावृष्टि से जिले के 1.50 लाख किसान प्रभावित हुए हैं। उनकी 70 फीसदी से ज्यादा फसल नष्ट हो गई है। इसकी वजह से तमाम किसानों के सामने दो जून की रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है। परेशानी की इस घड़ी में सरकार ने किसानों को मुआवजा देने की घोषण की थी। जिले के कुछ गांवों के किसानों को राहत राशि दी भी जा चुकी है। हालांकि दर्जनों गांवों के किसानों तक इमदाद के चेक अभी तक नहीं पहुंचे हैं। कड़ा ब्लाक के टिकरी गांव में रहने वाले किसान राममूरत, रामआधार, मइकन सिंह, श्यामलाल, बुधराम, संगम पटेल, रामसुगम आदि का कहना है कि मुआवजा नहीं मिलने से वह खरीफ की फसल की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। कई बार एसडीएम से शिकायत भी की गई, फिर भी सुनवाई नहीं हुई। इससे परेशान किसान अब धान की खेती के लिए कर्ज लेने को मजबूर हैं। राहतराशि का चेक नहीं मिलने से परेशान किसानों का कहना है कि जल्द उन्हें सहायता राशि नहीं दी गई तो वे धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।