बेरौंचा माइनर में पानी नहीं होने से सिंचाई के अभाव में बर्बाद होती गेहूं की फसल देख शनिवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित किसानों ने कलेक्ट्रेट में हुंकार भरी। डीएम को प्रार्थनापत्र देकर माइनर में पानी छोड़े जाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। किसानों ने पानी नहीं मिलने पर कौशाम्बी-इलाहाबाद मुख्यमार्ग पर चक्काजाम करने और बेमियादी धरना शुरू करने की चेतावनी दी है।
कौशाम्बी ब्लॉक के बेरौंचा दाई का पुरा गांव के अवनीश पांडेय, कृष्ण मूर्ति द्विवेदी, सूर्यबली त्रिपाठी, धर्मवीर, सूरज द्विेदी, रविशंकर, कामता प्रसाद, धीरज कुमार, शोभा नारायण, प्रमोद कुमार, हरिशंकर, ज्ञानप्रकाश, छोटेलाल, ज्ञानप्रकाश, मोतीलाल, जीत नारायण आदि ने बताया कि बेरौंचा और आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों के सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा खेती बेरौंचा माइनर के पानी पर निर्भर है। इस माइनर में करीब सालभर से पानी नहीं छोड़ा गया है। इसके कारण धान की पूरी फसल चौपट हो गई थी। गेहूं, सरसों आदि की फसल भी बगैर सिंचाई सूखकर नष्ट हो रही है।
किसानों ने बताया कि कई बार नहर विभाग के अफसरों को शिकायती पत्र दिया गया। फिर भी माइनर सूखी ही रही। नहर विभाग के अधिकारियों की मनमानी से परेशान बेरौंचा गांव के लोगों का शनिवार को गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित किसानों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। डीएम को ज्ञापन देकर 24 घंटे के भीतर माइनर में टेल तक पानी उपलब्ध कराने की मांग की। माइनर में पानी नहीं छोड़े जाने पर किसानों ने सोमवार से कौशाम्बी-इलाहाबाद मुख्यमार्ग पर उतरकर चक्काजाम और बेमियादी धरना शुरू करने की चेतावनी दी। डीएम ने एक्सईएन नहर को सिंचाई के लिए माइनर में पानी छोड़े जाने का निर्देश दिया है।