दिहाड़ी मजदूरी के बराबर औसतन मानदेय मिलने और 12 घंटे की ड्यूटी के बाद जनगणना, मतदाता सूची संशोधन जैसे कार्य कराने से भड़की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। डीएम को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को देकर विभागीय कार्यों के अतिरिक्त कोई अन्य काम नहीं कराने की मांग की। चेताया कि मांगें पूरी नहीं की गई, तो वे धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगी।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने कम मानदेय मिलने पर आक्रोश जताया है। इतने कम मानदेय में जनगणना, मतदाता सूची संसोधन जैसे कार्य लिए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। जिलाध्यक्ष माया सिंह ने कहा कि कार्यकत्रियों को रोजाना 100 रुपये की दिहाड़ी जितना मानदेय दिया जाता है। उनसे प्रतिदिन औसतन 12 घंटे की ड्यूटी ली जाती है। एलान किया कि इतने कम मानदेय में अब वे सिर्फ विभागीय कामकाज ही निपटाएंगी। मतदाता सूची संसोधन, सर्वे, स्वास्थ्य विभाग के कामकाज, जनगणना आदि काम नहीं करेंगी।
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए कार्यकत्रियों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को दिया। इसमें विभागीय कार्यों के अतिरिक्त कोई दूसरा कामकाज नहीं करने का एलान किया। चेताया कि यदि उन्हें बीएलओ बनाकर मतदाता सूची संसोधन, जनगणना आदि कार्य कराए गए तो वे धरना-प्रदर्शन को मजबूर होंगी। इस मौके पर किरन जोशी, मंजू यादव, प्रतिमा देवी, रेनू देवी, गीता देवी, मैतून, संगीता देवी, शंकुतला देवी, विनीता देवी, श्यामा देवी, रेणुका तिवारी आदि मौजूद रहीं।