कौशाम्बी में बृहस्पतिवार को बोर्ड परीक्षा भारी अव्यवस्था के बीच शुरू हुई। पहले दिन पहली पाली में कक्ष निरीक्षकों की गैरहाजिरी से दिक्कतें हुई। वहीं नकल रोकने के लिए डीएम लाव लश्कर के साथ डटे रहे। इस दौरान इमला बोलकर सामूहिक नकल होती मिलने पर डीएम ने दो परीक्षा केंद्रों को डिबार कर दिया। गैरहाजिर रहने पर 5 स्टेटिक मजिस्ट्रेटों का एक-एक दिन का वेतन काटने और उनके खिलाफ एफआईआर का निर्देश दिया। नकल करते मिलने पर दो परीक्षार्थी रिस्टीकेट हुए।
हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा बृहस्पतिवार से शुरू हो गई। इस साल बोर्ड परीक्षा में 62 हजार परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इनके लिए 129 स्कूलों को केंद्र बनाया गया है। पहली पाली में हाईस्कूल हिन्दी की परीक्षा थी। सुबह भारी अव्यवस्था के बीच परीक्षा शुरू हुई। सबसे ज्यादा समस्या कक्षनिरीक्षकों की गैरहाजिरी से रही। इसके कारण कई केंद्रों पर 15 मिनट से लेकर आधे घंटे तक देरी से परीक्षा शुरू हो सकी। उधर, परीक्षा शुरू होते ही जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह स्कूलों की जांच के लिए निकल पड़े।
उन्होंने संवेदन और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों की जांच की। इस दौरान शशि त्रिपाठी उच्चतर माध्यमिक स्कूल बबुरा ओसा और शिवकुमारी देवी उच्चतर माध्यमिक स्कूल साखा सिराथू में इमला बोलकर सामूहिक नकल होती मिलने पर डीएम ने इन दोनों परीक्षा केंद्रों को डिबार कर दिया। वहीं मुआयने के दौरान नकल करते मिलने पर डीएम ने जेपी सिंह उच्चतर माध्यमिक स्कूल मैदहाई के दो छात्रों को रिस्टीकेट कर दिया। जबकि स्टेटिक मजिस्ट्रेट बनाए गए ईओ सरायअकिल गिरीश कुमार, आरईएस के एक्सईएन एफ खान, अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता फकरूल हसन, सहायक अभियंता सिंचाई एलबी द्विेदी, अवर अभियंता आरईएस राकेश कुमार श्रीवास्तव को गैरहाजिर रहने पर एक-एक दिन का वेतन काटने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश भी दिया।