गांवों में तैनात सफाईकर्मी मनमानी पर उतारू हैं। सफाई नहीं होने से गांवों में गंदगी फैली रहती है। इसी वजह से ग्रामीणों को नालियों की सफाई के लिए खुद फावड़ा उठाना पड़ रहा है। मंगलवार को गंदगी से पटी नालियों की सफाई खुद दुकानदारों ने की। लोगों का आरोप है कि समस्या से अवगत कराने के बाद भी प्रधान, बीडीओ सुनवाई नहीं करते हैं। वहीं प्रधान का कहना है कि खुद उन्होंने कई बार अफसरों से इसकी शिकायत की, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बता दें कि कौशाम्बी के 440 गांवों में सफाई के लिए 800 से अधिक सफाईकर्मियों की नियुक्ति की गई है।
इन कर्मचारियों की पगार पर ही प्रतिमाह तकरीबन 60 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बाद भी गांव में सफाई सिफर है। सड़क, गांव की गलियों में जहां कूड़े का ढेर लगा हुआ है। वहीं नालियां भी सफाई नहीं होने से बजबजा रही हैं। इससे लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जलजमाव से लोगों को कीचड़-पानी से होकर आना-जाना पड़ता है। ऐसी ही समस्या से इन दिनों सिराथू तहसील के देवीगंज बाजारवाले भी जूझ रहे हैं। बाजार के रहने वाले पप्पू, कुंदनलाल, जमाल अहमद, आसिफ, संजय कुमार, पुष्पराज, विनोद कुमार, अस्मत, रिजवान आदि दुकानदारों ने बताया कि बाजार कमालपुर ग्रामसभा के अंतर्गत आती है। जहां दो सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है।
पर, बाजार में सफाई के लिए कभी भी सफाईकर्मी नहीं आते हैं। इससे बाजार में गंदगी फैली रहती है। नालियों में सड़ते कूड़े से दुर्गन्ध उठती है। इससे लोगों का सांस लेना भी दूभर हो गया है। मच्छर भी तेजी से पनप रहे हैं। दुकानदारों ने मंगलवार को खुद ही फावड़ा उठाकर दुकान और मकानों के सामने की नाली की सफाई की। ग्राम प्रधान राजेंद्र प्रसाद साहू ने बताया कि सफाई कर्मियों की मनमानी से वे खुद परेशान हैं। कई बार बीडीओ से शिकायत भी की गई। फिर भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।