पुरामुफ्ती से मनौरी, सरायअकिल होते हुए बौद्ध धर्मनगरी जाने वाली सड़क
करीब दो साल से क्षतिग्रस्त है। इस पर जगह-जगह तमाम छोटे-बड़े गड्ढे हो गए
हैं। इसके कारण श्रद्धालु हिचकोले खाने को मजबूर हो गए हैं। गड्ढों में
पानी भरे होने से परेशानी बढ़ जाती है। आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
आरोप है कि कई बार डीएम, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया
गया। इसके बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
कौशाम्बी भगवान
गौतम बुद्ध की तपोस्थली है। भगवान की इस नगरी के दर्शन को आए दिन दूसरे
देशों के श्रद्धालु कौशाम्बी आते रहते हैं। औसतन दूसरे दिन गैर मुल्कों के
श्रद्धालुओं से भरी बस कौशाम्बी आती है। जिस रास्ते से श्रद्धालु तपोस्थली
पहुंचते हैं। कौशाम्बी में वही सड़क सबसे बदहाल है। इलाहाबाद-कानपुर हाईवे
पर स्थित पुरामुफ्ती बाजार से मनौरी, चायल, तिल्हापुर, सरायअकिल होते हुए
कौशाम्बी जाने के लिए सड़क बनी है। पुरामुफ्ती से कौशाम्बी 50 किलोमीटर
लंबी बनी यह सड़क दो साल से क्षतिग्रस्त है।
बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील
सड़क पर घरों का पानी भरा रहता है। वहीं मनौरी बाजार के समीप तो सड़क तालाब
ही बन गई है। इसके कारण लोगों का इस सड़क से गुजरना मुश्किल है। सबसे
ज्यादा दिक्कत महिलाओं, बच्चों के साथ साइकिल और बाइक सवारों को होती है।
अक्सर साइकिल सवार इन पानी भरे गड्ढों और बिखरी गिट्टियों के कारण गिरकर
घायल होते रहते हैं। मनौरी के रहने वाले राधेश्याम केसरवानी, मनोज कुमार,
प्रीतम सिंह, रमेश सोनकर, मोहम्मद हासिम, नूर मोहम्मद आदि ने बताया कि कई
बार डीएम के साथ लोक निर्माण विभाग के अभियंता और अन्य अफसरों से शिकायत भी
की गई। इसके बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा रही है।