रामगंगा नहर से जुड़ी करारी और अलीपुरजीता माइनर में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर सोमवार को भाकियू कार्यकर्ता सूखी नहर में बैठकर गरजे। किसानों के उग्र तेवर देखकर मौके पर दिनभर पुलिस डटी रही। एसडीएम ने जल्द पानी छोड़े जाने का भरोसा दिलाया, लेकिन कार्यकर्ता अपनी जिद पर अडे़ रहे। चेताया कि नहर में पानी आने के बाद ही उनका यह बेमियादी धरना खत्म होगा।
मौसम की मार से दो साल से किसानों की गेहूं, धान की फसल चौपट हो रही है। प्रकृति के साथ अफसर भी अन्नदाताओं को छलने में जुटे हैं। सिंचाई के वक्त जनपद की ज्यादातर नहरें सूखी पड़ी हैं। नहरों में पानी नहीं होने से किसानों की गेहूं की फसल सूखकर बर्बाद होने लगी है। किसानों की इस समस्या को लेकर सोमवार को भाकियू ने सिराथू तहसील के बगल सूखी पड़ी नहर में बैठकर अपना बेमियादी धरना शुरू कर दिया। सैकड़ों की तादाद में बेमियादी धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ताओं ने एलान किया कि करारी और अलीपुरजीता माइनर में पानी छोड़े जाने तक उनका यह धरना चलता रहेगा। धरने की अगुवाई कर रहे भाकियू जिलाध्यक्ष बलबीर सिंह चौहान ने कहा कि माइनरों में पानी नहीं आने से किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच चुके हैं।
सिराथू को डार्क जोन घोषित कर दिया गया है। इससे क्षेत्र में सरकारी बोरिंग भी नहीं हो रही है। ऐसे में किसान दोहरी मार झेल रहा है। गरजते हुए किसानों ने गिरफ्तारी देने की मांग उठाई। किसानों की भारी भीड़ देख प्रशासनिक अमला दिनभर चौकन्ना रहा। एसडीएम ने आकर भाकियू नेताओं को समझाने की कोशिश की। भरोसा दिलाया कि जल्द ही सभी नहरों में पानी उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन भाकियू कार्यकर्ता टेल तक पानी पहुंचने से पहले धरना खत्म करने को राजी नहीं हुए। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष नूरूल इस्लाम, सुशील सिंह, भैया लाल धुरिया, देवनाथ प्रधान, सूर्यपाल सिंह, सिद्वशरण गुप्ता, नूरजहां बेगम, रणवीर सिंह, बच्चालाल आदि सैकड़ो कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।