मोबाइल चोरी के मामले में करारी के युवक की धरपकड़ पर बृहस्पतिवार को कस्बाइयों का गुस्सा फूट पड़ा। असली चोरों को थाने से छोड़कर निर्दोष को फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने का आरोप लगाते हुए लोगों ने एसपी कार्यालय का घेराव किया। पुलिस अधीक्षक को शिकायतीपत्र देकर जांच और कार्रवाई की मांग की। दो दिन में न्याय नहीं मिलने पर कस्बाइयों ने कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है।
करारी कस्बे के हजरतगंज मोहल्ला के रहने वाले मोहम्मद रफीक खान ने बताया कि शनिवार की शाम करीब 5.30 बजे करारी पुलिस ने मोबाइल चोरी के मामले में चमनगंज मोहल्ले के एक युवक को दबोचा था। उसके पास से पुलिस को चोरी का मोबाइल भी मिला था। आरोप है कि चोरी का मोबाइल बरामद होने के बाद भी चमनगंज मोहल्ले के युवक को दूसरे दिन पुलिस ने छोड़ दिया। इसके बाद पूछताछ के बहाने रफीक के भतीजे फुरमान को कोतवाली बुलाया गया। इल्जाम है कि पुलिस ने चमनगंज मोहल्ले के युवक के बदले फुरमान पर ही मोबाइल चोरी और तमंचे की बरामदगी दिखाते हुए फर्जी मुकदमे में उसे जेल भेज दिया।
करारी पुलिस की इस कथित मनमानी को लेकर बृहस्पतिवार को पीड़ित परिवार और मोहल्लेवालों का गुस्सा फूट पड़ा। करारी एसओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रसीद अहमद, मोहम्मद शरीफ, सन्नो बानो, खुशबू, नूरी, खुशनुदा, जमील, नफीसा बेगम, नजमा, शहनाज बेगम, सलमान आदि आक्रोशित मोहल्लेवालों ने एसपी आफिस का घेराव किया। पुलिस अधीक्षक को शिकायतीपत्र देकर घटना की जानकारी दी। साथ ही दो दिन के भीतर इस मामले में कार्रवाई नहीं किए जाने पर लोगों ने कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन और अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है।