पुरानी पेंशन नीति की बहाली, अध्यापकों का अंतरजनपदीय स्थानांतरण, वेतन विसंगति दूर करने की मांगों को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ ने बुधवार को हुंकार भरी। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित 20 सूत्रीय ज्ञापन डीएम को दिया। मांगें जल्द पूरी नहीं होने पर अध्यापकों ने 16 मार्च को लखनऊ में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।
प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई ने अध्यापकों की समस्याओं को लेकर मोर्चा खोल दिया है। जिलाध्यक्ष मुलायम सिंह की अगुवाई में बुधवार को जुटे संघ के अन्य पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट में अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। मुख्यमंत्री को संबोधित 20 सूत्रीय ज्ञापन दिया। इसमें पुरानी पेंशन नीति बहाल करने, अप्रैल 2005 के बाद नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की सहमति से ही नई पेंशन की कटौती करने, दूसरे जिलों में तैनात अध्यापकों को अंतरजनपदीय स्थानांतरण किए जाने, बेसिक शिक्षा विभाग से संबद्ध स्कूल के अध्यापकों को समान वेतन दिए जाने, दूध वितरण योजना के लिए एमडीएम की कनवर्जन कास्ट में बढ़ोत्तरी करने, क्रीड़ा और स्काउटिंग के लिए धन उपलब्ध कराने, पुस्तकों की तरह प्रदेश मुख्यालय से ही छात्र-छात्राओं को ड्रेस उपलब्ध कराने, योग्यतानुसार मृतक आश्रित को नियुक्ति देने, खंड शिक्षा अधिकारियों के 50 फीसदी पद शिक्षकों को पदोन्नति देकर भरे जाने, असाध्य रोगों से पीड़ित शिक्षकों को राज्यकर्मियों की भांति मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने जैसी मांगें शामिल हैं।
अध्यापकों ने चेताया कि सभी मांगें जल्द पूरी नहीं की गई, तो वे 16 मार्च को लखनऊ में धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगे। इस मौके पर संघ के जिलामंत्री ध्यान सिंह, रणविजय निषाद, मोहम्मद हुसैन, मोहम्मद इबरार, विजय पांडेय, जबर सिंह यादव, दिनेशचंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।