नगर पंचायत सिराथू में अतिक्रमण अभियान चलाए जाने के मुद्दे पर रविवार को आयोजित बैठक में जमकर हंगामा हुआ। सड़क के दायरे में बने मकान के ध्वस्तीकरण के नाम पर लोग भड़क उठे। इस बीच पक्ष-विपक्ष में रहे लोगों के बीच हाथापाई तक की नौबत आ गई। हंगामा काट रहे लोगों को शांत कराने में अफसरों को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
बता दें कि जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने कौशाम्बी के सभी नगर पंचायत कस्बे मंझनपुर, भरवारी, सिराथू, अजुहा, करारी, चायल, सरायअकिल को अतिक्रमणमुक्त बनाने का निर्देश जारी किया है। इसके लिए उन्होंने पीडब्ल्यूडी, राजस्व विभाग और नगर पंचायत की टीम गठित करके कस्बों में सड़क की जमीन का चिह्नांकन भी कराया है। कस्बों के विकास के नाम पर उन्होंने अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू कराने से पहले जनभागीदारी पर जोर दिया है। इसके लिए उन्होंने जिलास्तरीय अफसरों की मौजूदगी में नगर पंचायत अध्यक्ष, ईओ को कस्बे के लोगों के साथ बैठक करने को कहा है। इसीक्रम में रविवार को सिराथू नगर पंचायत में खुली बैठक बुलाई गई थी।
इस बैठक मेें अपर जिलाधिकारी श्रीकृष्ण, विधायक वाचस्पति, चेयरमैन राजेंद्र यादव के अलावा कस्बे के तमाम लोग, व्यापारी मौजूद रहे। विधायक वाचस्पति ने नगर को अतिक्रमणमुक्त बनाने और विकास में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इसी बीच बैठक में मौजूद कस्बे के सुनील पांडेय ने सड़क दायरे में चिह्नित किए गए मकान ध्वस्तीकरण अभियान को लेकर आरोप लगाना शुरू कर दिया। इसे लेकर कस्बे के व्यापारी भड़क उठे। कहासुनी के साथ हाथापाई तक की नौबत आ गई। माहौल बिगड़ता देख विधायक, एडीएम, एसडीएम, चेयरमैन आदि ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। अफसरों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान ऐसा कुछ नहीं होगा, जिससे आमजन को तकलीफ उठानी पड़े।