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प्राइमरी स्कूल की रसोइयों ने शुरू की हड़ताल

Wed, 27 Jan 2016 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे काैश्ााम्बी
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मानदेय बढ़ाने और प्रतिवर्ष नवीनीकरण की अनिवार्यता समाप्त किए जाने की मांग को लेकर प्राइमरी स्कूल की रसोइयों ने बुधवार से कामकाज ठप करके हड़ताल शुरू कर दी। खाना बनाने का बहिष्कार करने वाली रसोइयां मंझनपुर आकर दिनभर धरने पर बैठी रहीं। एलान किया कि मांगे पूरी होने के बाद ही वे काम पर लौटेंगी। रसोइयों की हड़ताल से प्रधानाध्यापकों को एमडीएम बनवाने में पसीना छूट गया। ज्यादातर स्कूलों से बच्चे भूखे लौटे।
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प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को दोपहर का भोजन उपलब्ध कराने के लिए रसोइयों की नियुक्ति की गई है। मानदेय पर काम करने वाली रसोइयां कम मेहनताना मिलने, प्रतिवर्ष नवीनीकरण और नियुक्ति के लिए अभिभावक होने की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग कर रही हैं। मांग पूरी नहीं होने पर उमा देवी, सुशीला देवी, सुखरानी, उमा देवी, शांति देवी, सरोजा देवी, फूलमती, नत्थी देवी, अनारकली, उमाशंकर, सत्य नारायण, सतनी देवी, शिवभवन, ममता देवी सहित तमाम रसोइयों ने बुधवार से स्कूलों में खाना बनाना बंद करने का एलान करते हुए हड़ताल शुरू कर दिया। बुधवार को स्कूल नहीं जाकर रसोइयां सीधे जिला मुख्यालय मंझनपुर पहुंचीं।

यहां अपनी तीनों मांगों को लेकर धरना शुरू कर दिया। डीएम, बीएसए को ज्ञापन देकर जल्द से जल्द मांग पूरी किए जाने की मांग की। चेताया कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, वे स्कूलों में खाना नहीं बनाएंगी। इधर, रसोइयों की हड़ताल से बुधवार को स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनवाने में प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्कूलों में तो एमडीएम नहीं बना। इससे बच्चे भूखे पेट ही घर लौटे। बता दें कि जनपद में 1400 से ज्यादा प्राथमिक स्कूल हैं। जहां 2.50 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन स्कूलों में दोपहर का भोजन बनाने के लिए 2500 से ज्यादा रसोइयों की नियुक्ति की गई है। बीएसए अशोक कुमार सिंह यादव ने कहा कि बुधवार को गणेश चतुर्थी के कारण महिलाकर्मियों का अवकाश था। बृहस्पतिवार से स्कूल आकर एमडीएम नहीं बनाने पर मानदेय में कटौती की जाएगी। साथ ही रसोइयों का मांगपत्र शासन को भेजा जाएगा। मानदेय बढ़ाना, नवीनीकरण की अनिवार्यता को समाप्त किया जाना शासनस्तर का मामला है।
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