अभियोजन विभाग ने अपराधियों को सजा दिलाने के लिए ‘एक सजा कराओ’ अभियान चलाया था। अभियान की सोमवार को कौशाम्बी में डीजी (अभियोजन) ने समीक्षा की। बताया कि 6 महीने के अभियान के दौरान कौशाम्बी में करीब 127 अपराधियों को सजा दिलाई गई। वहीं जेल में बंद करीब 591 अपराधियों की जमानत अर्जी भी खारिज कराने में कामयाबी मिली है।
अपराधियों को उनकी करनी का फल मिले। इसके लिए अभियोजन विभाग ने जुलाई से दिसंबर तक एक सजा दिलाओ अभियान चलाया था। महानिदेशक (अभियोजन) डॉ. सूर्य कुमार ने सोमवार को कौशाम्बी आकर इस अभियान की समीक्षा की। पुलिस कार्यालय में अभियोजन अधिकारियों, शासकीय अधिवक्ताओं और पुलिस के नोडल अफसरों के साथ बैठकर की गई। समीक्षा में सामने आया कि छह महीने के अभियान में मुकदमों की पैरवी करके 127 अपराधियों को सजा दिलाई गई। इसमें करीब 34 अपराधियों को 10 साल से अधिक और 93 अपराधियों को दस वर्ष से कम की सजा दिलाने में सफलता मिली है।
वहीं 591 अपराधियों की जमानत अर्जी खारिज कराई गई। अभियान की सफलता के लिए उन्होंने शासकीय अधिवक्ताओं, अभियोजकों, पैरोकारों के साथ गवाहों की निर्भीकता की सराहना की। वहीं समीक्षा के दौरान डीजी ने जरूरत पड़ने पर गवाहों की विशेष सुरक्षा और उनकी हर संभव मदद मुहैया कराने का निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिया। कहाकि पुलिस पर भरोसा होने पर ही घटना के चश्मदीद, गवाह बेहिचक गवाही दे सकेंगे। इस मौके पर जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक वीके मिश्र, एएसपी ओपी पांडेय आदि मौजूद रहे।
शातिर अपराधियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गवाह, विभागीय अफसर, पुलिस अधिकारियो, कर्मचारियों को डीजी अभियान ने पुरस्कृत भी किया। इसमें अभियोजन अधिकारी जयगोविंद उपाध्याय, पारसनाथ, जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विनय कुमार यादव, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता धनश्याम कुमार, कोर्ट मुहर्रिर नंद किशोर सचान, राजेंद्र प्रसाद यादव, नवनीत कुमार यादव, पैरोकार विजय बहादुर थाना सैनी, रामबचन थाना कोखराज, राम नरेश पांडेय शामिल रहे। इसके अलावा निर्भीक होकर गवाही देने वाले छेद्दू निवासी भैला मकदूमपुर करारी, रतई पासी, छोटेलाल, शिवराम निवासी अलीपुर मंझनपुर, विमला देवी निवासी बलिकरनपुर थाना चरवा को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया।