पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए पॉलीथिन के इस्तेमाल पर रोक कौशाम्बी में फिलहाल तीन दिन बाद भी असरहीन बनी है। शनिवार को ही जिला मुख्यालय मंझनपुर में किराने से लेकर खाद्य पदार्थों की बिक्री पालीथिन में होती दिखी। इतना ही नहीं जनपद में कुटीर धंधेबाज भी पालीथिन का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं।
पर्यावरण के लिए घातक बनी पॉलीथिन पर रोक लगा दी गई है। हालांकि यह प्रतिबंध जनपद में अभी तक प्रभावी नहीं दिख रहा है। जबकि 20 जनवरी से सूबे में इसका प्रयोग प्रतिबंधित हुआ है। शनिवार को तीसरे दिन मंझनपुर बाजार में घूमने पर लगभग सभी दुकानों पर पन्नी में ही सामान की बिक्री, खरीद होती दिखी। सब्जी, किराना ही नहीं गरम चाय तक लोग पालीथिन में बेचते और ले जाते दिखे। इसके अलावा कौशाम्बी में बिस्किट, पापकार्न, नमकीन आदि बनाकर बेचने का कुटीर धंधा चलाने वाले भी पालीथिन का इस्तेमाल धड़ल्ले से कर रहे हैं।
दुकानदारों और धंधेबाजों पर पालीथिन रोक का कोई असर नहीं हुआ है। मामले में जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि पालीथिन पर रोक लगी है। इसका अनुपालन कराने के लिए टीम गठित करके छापेमारी कराई जाएगी। उन्होंने आमजन का भी आह्वान किया है कि पालीथिन का प्रयोग पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। लोग खुद इसे प्रयोग में लाने से बचें। कहाकि सबसे अहम जागरूकता है। लोगों को खुद अपने और परिवार के स्वास्थ्य के लिए पालीथिन के इस्तेमाल से बचना होगा।