लोहिया गांव हिसामपुर में 35 लोहिया आवास अधूरे पड़े हैं। आवास निर्माण में यह लापरवाही शनिवार को डीएम ने गांव पहुंचकर देखी। टीकाकरण, बिजली कनेक्शन, खराब पड़ी सोलर लाइट, हैंडपंप आदि मामले पर डीएम ने गुस्सा जताया। उन्होंने संबंधित अफसरों को 8 दिन का अल्टीमेटम दिया है। चेताया कि दोबारा जांच में अधूरा काम और गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदारों को निलंबित किया जाएगा।
जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने शनिवार को मंझनपुर ब्लाक के लोहिया गांव हिसामपुर के विकास कार्यों की जांच के लिए दौरा किया। इस दौरान डीएम ने गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। सबसे पहले उन्होंने गांव में बने शौचालय और लोहिया आवासों की जांच की। बीडीओ ने बताया कि हिसामपुर में 198 लोहिया आवास आवंटित हुआ है। इसमें से 163 आवास बनाए जा चुके हैं। करीब दर्जनभर आवास जमीन विवाद के कारण नहीं बन सके हैं। लगभग डेढ़ दर्जन मकान दूसरी किश्त न मिलने के कारण अधूरे पड़े हैं।
डीएम ने एसडीएम मंझनपुर को जमीन विवाद के मसले को 24 घंटे में निस्तारित करने का हुक्म दिया। वहीं ग्राम विकास अधिकारी से शौचालय से वंचितों की सूची बनाकर दो दिन में उपलब्ध कराने की हिदायत दी। खराब पड़े हैंडपंप, खराब सोलर लाइट और अधूरे टीकाकरण कार्ड देखकर डीएम ने सीएमओ, एक्सईएन बिजली, एक्सईएन जलनिगम और नेडा के अधिकारी की क्लास ली। 8 दिन में सारी गड़बड़ी ठीक कराने का निर्देश दिया। चेताया कि यदि दुबारा जांच में विकास कार्य अधूरा और गड़बड़ मिला, तो सीधे निलंबन की कार्रवाई होगी।
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100 घरों की दलितबस्ती, सिर्फ 16 कनेक्शन
करारी (ब्यूरो)। लोहिया गांव हिसामपुर के विकास कार्यों की हकीकत खंगालने पहुंचे डीएम को गांव में मातहत अफसरों की मनमानी देखने को मिली। डीएम ने ग्रामसभा में 100 घरों की दलित बस्ती में सिर्फ 16 विद्युत कनेक्शन होने पर भी नाराजगी जताई। एक्सईएन विद्युत को ग्रामीणों को जागरूक बनाकर सभी को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की हिदायत दी।
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बीडीओ नहीं दे सके कोई जानकारी, मिली फटकार
मंझनपुर (ब्यूरो)। लोहिया गांव हिसामपुर के मुआयने से पहले डीएम ने मंझनपुर ब्लाक का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने बीडीओ से एससीएसटी मनरेगा मजदूरों की संख्या, तालाबों के सौंदर्र्यीकरण, उनकी खुदाई, लोहिया आवासों के निर्माण की स्थिति, चारागाह सीमांकन आदि की बावत पूछताछ की। इनमें से एक भी जानकारी खंड विकास अधिकारी डीएम को नहीं दे सके। यही नहीं डीएम ने उनसे लोहिया आवास की डिजाइन भी बनाने को कहा, लेकिन वह सिर्फ इधर-उधर झांकते ही रहे। डीएम ने उन्हें जमकर फटकार लगाई। उन्हें सारी जानकारी, रिकार्ड दुरूस्त रखने और आठ दिन में सभी गड़बड़ी ठीक कराने का अल्टीमेटम दिया। चेताया कि अगले मुआयने में यही हालत रही, तो कार्रवाई होगी। डीएम ने बीडीओ को जनसमस्याओं के निस्तारण पर ध्यान देने की हिदायत दी।