चार दिन हो गए सूरज भी कड़ाके की ठंड के आगे निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। बूंदाबांदी के बाद तेज बर्फीली हवाओं के चलने से रिकार्डतोड़ ठंड का कहर जारी है। 4 दिन से धूप नहीं निकली है। गुरुवार को दिनभर तेज शीतलहर गर्म कपड़ों में भी बदन बेंधती रही। लोग घर-बाहर ठिठुरते नजर आए। गलन से हाथ-पैर सुन्न होने लगे हैं। दिन-रात के तापमान में भारी गिरावट हुई है। इससे जनजीवन प्रभावित है।
कौशाम्बी में मौसम का उतार-चढ़ाव बना है। 8 दिन पहले पूस में फागुन जैसी गर्माहट का एहसास होने लगा था। वहीं मंगलवार को अचानक मौसम ने करवट ली। आसमान में बादलों का कब्जा हो गया। दिनभर झमाझम पानी बरसता रहा। बारिश के बाद एक बार फिर कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। नम हुए मौसम के बाद भीषण शीतलहर जानलेवा हो गई है। बृहस्पतिवार को दिनभर बर्फीली हवाएं चलती रही।
ठंडी हवाएं स्वेटर, जैकेट, शॉल के भीतर घुसकर बदन बेंधते हुए ठंडक का एहसास कराती रहीं। ठंड से बचने को जहां ज्यादातर लोग घरों में दुबके रहे वहीं गरीबों के लिए आग सहारा बनी हुई है। गांवों में लोग दिनभर आग चलाए बैठे दिखे। बूंदाबांदी के बाद चल रही बर्फीली हवाओं के कारण दिन-रात के तापमान में गिरावट आई है। महगांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विभाग के मुताबिक बर्फीली हवाओं के कारण बृहस्पतिवार को दिन का तापमान 15 से 2 डिग्री सेल्सियस गिरकर 13 डिग्री सेल्सियस हो गया है। वहीं बुधवार की रात का पारा 5 डिग्री सेल्सियस रहा।
उधर, भीषण शीतलहर और कड़ाके की ठंड जानलेवा साबित हो रही है। डॉक्टरों का भी मानना है कि ठंड से बचने में की गई तनिक भी लापरवाही जानलेवा है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ अरविंद कनौजिया ने बताया कि रजाई, कंबल अथवा बंद कमरे से रात में दरवाजा खोलकर सीधे बाहर निकलना खतरनाक है। लोग घर से बाहर निकलते समय सिर में टोपी, मफलर, हाथ में दस्ताने और पैरों में मोजे जरूर पहने। शरीर के इन्हीं अंगों से ठंड हमला करती है।
कड़ाके की ठंड से फिर मौत शुरू
करारी (ब्यूरो)। कौशाम्बी में भीषण शीतलहर और कड़ाके की ठंड से मौत का सिलसिला भी शुरू हो गया है। जाड़े की जद में आने से जहां बुधवार की दोपहर चायल के मादपुर गांव के अधेड़ की मौत हो गई थी। वहीं बुधवार की रात करारी के हिसामपुर गांव निवासी शहंशाह हुसैन (48) पुत्र मजहर अब्बास की सांसे थम गई। घरवालों के मुताबिक बुधवार की शाम करीब 5.30 बजे खेत से लौटने के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। रात करीब 2 बजे हालात गंभीर होने पर परिजन स्थानीय एक डाक्टर के पास दवा के लिए लेकर गए थे। दवा लेकर घर लौटते समय रास्ते में ही दम टूट गया। 24 घंटे के भीतर ठंड की चपेट में आने से दो-दो मौतें होने से लोगों के होश उड़े हुए हैं। बता दें कि जनपद में दो महीने में ठंड के कारण अब तक दर्जनभर से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।