आंतकवाद के खिलाफ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नेवादा के मुस्तफाबाद सादात और मूरतगंज ब्लाक के राला गांव में जुलूस निकाला। इससे पहले मौलानाओं ने तकरीर करते हुए आंतकी घटनाओं को इंसानियत के खिलाफ बताया।
सऊदी अरब में शिया धर्मगुरू को फांसी दिए जाने और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हो रही आतंकी घटनाओं के खिलाफ मुस्लिम समुदाय ने मुट्ठी ताननी शुरू कर दी है।
इसीक्रम में नेवादा ब्लाक के मुस्तफाबाद सादात गांव के मुस्लिमों ने भी कार्यक्रम का आयोजन किया। गांव में स्थित जामा मस्जिद के बाहर जमा हुए लोग हाथ में नारे लिखी तख्तियां लेकर निकले। जुलूस में शामिल ग्रामीणों ने इस दौरान आंतकवाद के विरोध में नारे भी लगाए। यह जुलूस पूरे गांव में घूमने के बाद मस्जिदे-बली-ए-असर पहुंचकर समाप्त हुआ। इससे पहले कार्यक्रम में शामिल रहे मौलानाओं ने भारत के पाठनकोट, नाइजीरिया आदि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हुई आंतकी घटनाओं की निंदा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कासिम आब्दी ने कहा कि आंतकवाद की घटना आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसी ही घटनाओं से दुनियाभर में माहौल खराब हो रहा है। यह इंसानियत के भी खिलाफ है। हर शख्स को इंसानियत के दुश्मनों के विरूद्ध आवाज बुलंद करनी होगी। इस मौके पर अनीस रिजवी, मौलाना जाहिद हुसैन, जमीर हैदर, मोहम्मद रजा, जीशान हैदर, मोजिज अब्बास, सफदर रजा आदि मौजूद रहे। आंतकवाद के खिलाफ ऐसा ही जुलूस मूरतगंज ब्लाक के राला गांव में भी निकाला गया। इस मौके पर मौलाना जौव्वाद हैदर जव्वादी, शमीम आलम, शहीर अब्बास, शब्बर रिजवी आदि मौजूद रहे।