शांति का संदेश देते थाईलैंड, कम्बोडिया से बौद्धभिक्षुओं का दल पैदल तीर्थाटन पर निकला है। भिक्षुओं के इस दल ने शनिवार को शाक्यमुनि की तपोस्थली कौशाम्बी में माथा टेका। इसके बाद वे पैदल ही श्रावास्ती के लिए कूच कर गए। बुद्धम् शरणम् गच्छामि, धम्मम् शरणम् गच्छामि का महामंत्र जपते और शांति का संदेश लेकर थाईलैंड और कम्बोडिया से 200 भिक्षु इन दिनों बौद्धधर्म से जुड़े धर्मस्थलों के दर्शन को पैदल निकले हैं।
भिक्षुओं का यह दल शनिवार को कौशाम्बी में शाक्यमुनि भगवान बुद्ध की तपोस्थली पर पहुंचा। कौशाम्बी से निकलकर यह जत्था करारी, ओसा, मंझनपुर, भरवारी होते हुए इलाहाबाद के रास्ते श्रावस्ती के लिए रवाना हो गया। पंक्तिबद्ध होकर सड़क के एक किनारे से गेरूआ वस्त्र पहने ये बौद्धभिक्षु कौशाम्बी के जिस भी गांव, मोहल्ले, बस्ती से गुजरे, उन्हें देखने वालों की भीड़ जुट जाती थी। भिक्षु अपने में मस्त शाक्यमुनि के संदेशों का वाचन करते हुए गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। यही नहीं यदि कहीं किसी ने इन्हें रोककर बात करने का प्रयास किया, तब भी वे रूके नहीं।