बेमौसम बारिश से गेहूं और सूखे से धान की फसल गंवाने वाले कटरी गांव के किसान और उनका परिवार दाने-दाने को मोहताज है। सिंचाई के साधन नहीं होने से सैकड़ों बीघा खेत बंजर पड़े हैं। किसानों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। डीएम को प्रार्थनापत्र देकर मदद की गुहार लगाई।
सरसवां ब्लाक के कटरी गांव निवासी शंकरलाल, इंद्रेश कुमार, उमेश कुमार पांडेय, शंकर दयाल, शिवभूषण, छट्ठीलाल, केवल कुमार आदि ने बताया कि यमुना तराई में बसे होने के बावजूद उनके गांव में खेतों की सिंचाई का कोई साधन नहीं है। करीब दो साल से सूखे से जहां धान की फसल बर्बाद हो रही है। वहीं मार्च, अप्रैल में हुई बेमौसम की बारिश में चना, अरहर, गेंहू, आलू आदि फसलें नष्ट हो चुकी है।
इस साल पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेत सूखे पड़े हैं। गेहूं, आलू आदि की बुआई भी नहीं हो सकी है। मौसम की मार से फसलों की बर्बादी पर मिलने वाला मुआवजा भी अब तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इससे निवाले का इंतजाम मुश्किल है। लोगों का कहना है कि बीडीओ, एसडीएम से शिकायत भी की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। किसानों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को शिकायतीपत्र देकर जांच कराकर मदद उपलब्ध कराने की मांग की। डीएम ने एसडीएम और कृषि अधिकारी को जांच करके रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।