ट्रांसफर, पोस्टिंग के नाम वसूली पर दो शिक्षकों के पकड़े जाने के मामले में शुक्रवार को एसओजी प्रभारी को हटा दिया गया, मगर शिक्षकों का आक्रोश शनिवार को भी नहीं थमा। नतीजतन जिले भर के 1400 परिषदीय स्कूलों के ताले लगातार तीसरे दिन भी नहीं खुले। शिक्षकों ने साफ कर दिया है कि एएसपी को हटाने और एसओजी की पूरी टीम को बर्खास्त करने की मांग जब तक पूरी नहीं होती, वे काम पर नहीं लौटेेंगे। शनिवार को उन्होंने एक बार फिर बीआरसी केंद्रों पर हुंकार भरी। स्कूलों में तालाबंदी से जिले के करीब 1.50 लाख बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे अभिभावकों में आक्रोश भी है। मगर जिला प्रशासन शनिवार की देरशाम तक मामले का कोई हल नहीं निकाल सका।
प्राथमिक स्कूलों में ट्रांसफर, पोस्टिंग के नाम पर वसूली करने के आरोप में 26 दिसंबर की दोपहर एसओजी टीम ने दो शिक्षकाें को कार समेत बीएसए दफ्तर के समीप से पकड़ा था। इस घटना को पुलिस की फर्जी कार्रवाई बताते हुए प्राथमिक स्कूल के अध्यापक भड़क गए। प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले जुटे बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापक-अध्यापिकाओं ने एसओजी की पूरी टीम को बर्खास्त करने, एएसपी के स्थानांतरण की मांग करते हुए बृहस्पतिवार से जनपद के सभी 1400 प्राइमरी स्कूलों में तालाबंदी कर दिया।
हड़ताल पर गए अध्यापक तीन दिनों से ब्लाक संसाधन केंद्रों पर जमा होकर हुंकार भर रहे हैं। शनिवार को भी मंझनपुर, सिराथू, चायल, कड़ा, मूरतगंज, कौशाम्बी, सरसवां और नेवादा ब्लाक संसाधन केंद्र पर शिक्षक-शिक्षिकाएं पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठे रहे। इस दौरान नेवादा ब्लाक के अध्यक्ष विनोद सिंह और मंझनपुर ब्लाक के अध्यक्ष रामबाबू ने एलान किया कि जब तक एएसपी नहीं हटेंगे, एसओजी टीम बर्खास्त नहीं होगी। स्कूलों का ताला नहीं खोला जाएगा। उधर, अध्यापकों की हड़ताल के कारण तीन दिनों से जिले के सभी स्कूलों में ताला लटकने से करीब 1.50 लाख बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बच्चे स्कूल तक आते हैं, मगर कुछ देर घूम-टहल कर लौट जाते हैं।