ट्रांसफर, पोस्टिंग के नाम पर वसूली मामले में साथी शिक्षकों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ अध्यापकों का गुस्सा थम नहीं रहा है। एसओजी टीम को बर्खास्त करने, एएसपी के स्थानांतरण की मांग को लेकर शिक्षक स्कूलों में तालाबंदी करके हड़ताल पर हैं। इससे शुक्रवार को दूसरे दिन भी जनपद के सभी 1400 प्राइमरी स्कूलों में ताले लटकते रहे। अध्यापकों ने ब्लाक मुख्यालयों में प्रदर्शन भी किया। इस बीच एसओजी प्रभारी को हटा दिया गया मगर शिक्षक नेताओं का कहना है कि कि मांगे पूरी होने तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में मनचाही तैनाती दिलाने के नाम पर वसूली करने के आरोप में 26 दिसंबर की दोपहर एसओजी टीम ने दो शिक्षकाें को बीएसए दफ्तर के समीप से धर दबोचा था। पुलिस ने इन शिक्षकों के पास ने 65 हजार रुपये बरामद होने का दावा किया था। पुलिस के मुताबिक यह रकम उन अध्यापकों ने सरसवां ब्लाक के दो शिक्षकों से मनचाहे स्कूल में तबादले के नाम पर ली थी। हालांकि देर शाम पुलिस ने जांच के बाद दोनों शिक्षकों को छोड़ दिया था। पर, दूसरे दिन ही पुलिस पर फर्जी कार्रवाई का आरोप लगाते हुए शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा।
प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले जिलेभर के प्राइमरी स्कूलों में तैनात अध्यापक-अध्यापिकाओं ने एसओजी टीम को बर्खास्त करने, एएसपी के स्थानांतरण की मांग करते हुए अफसरों का घेराव किया। कार्रवाई नहीं होने से भड़के अध्यापकों ने बृहस्पतिवार से स्कूलों में तालाबंदी की और हड़ताल पर चले गए। अध्यापकों की हड़ताल के कारण शुक्रवार को दूसरे दिन भी जनपद के सभी 1400 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में ताला लटकता रहा।
शिक्षक-शिक्षिकाओं ने ब्लाक मुख्यालयों में स्थित बीआरसी केंद्र में जमा होकर पुलिस के खिलाफ हुंकार भरी। मंझनपुर ब्लाक अध्यक्ष रामबाबू ने कहा कि अध्यापकों का यह आन्दोलन एसओजी टीम के बर्खास्तगी होने तक जारी रहेगा। उधर, जनपद के 4800 अध्यापकों के हड़ताल पर जाने से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 1.50 लाख बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है।