मतगणना में घपलेबाजी का आरोप लगाते हुए मूरतगंज ब्लाक के मारूफपुर गांव के लोगों ने आरओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दो वोट से जीते प्रत्याशी को धांधली करके दो मतों से हराने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर दुबारा वोटों की गिनती कराने की मांग की।
कौशाम्बी में पंचायत चुनाव के दौरान मतदान और मतगणना में गड़बड़ी की शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मतगणना के दिन से लेकर रोजाना किसी न किसी गांव के प्रत्याशी और ग्रामीण हुंकार भर रहे हैं। बृहस्पतिवार को मूरतगंज ब्लाक के मारूफपुर गांव के प्रधान पद के प्रत्याशी जुबैर अहमद, अतीक अहमद, सारिक, आरिफ, मानसिंह, सुग्गन, शब्बर अली, छब्बन, कुज्जन, चौधरीलाल, वसीम अहमद, पप्पू, नसीम अहमद, शहबाद आदि ग्रामीणों ने आकर हुंकार भरी। जुबैर अहमद की मानें तो उसकी ग्रामसभा में कुल 10 लोगों ने प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ा था।
पहले चरण के में 29 नवंबर को मतदान और 13 दिसंबर को मतगणना की गई। बताया कि वोटों की गिनती के बाद उसे 291 मत मिले और उसे जीता हुआ उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। आरओ ने एक घंटे बाद आकर प्रमाणपत्र लेने को कहा। जब वह प्रमाणपत्र लेने पहुंचा, तो आरओ ने पुनर्मतगणना होने के बाद उसे 2 वोटों से हारा बताकर दूसरे नंबर पर रहे प्रत्याशी की जीत दर्ज करके उसे प्रमाणपत्र दे दिया। जुबैर का कहना है कि आरओ की इस मनमानी की शिकायत उसने तत्काल, एसडीएम, डीएम से की थी। जिलाधिकारी ने पुनर्मतगणना करवाने का उसे आश्वासन दिया। वह घंटों मतगणनास्थल पर पुनर्मतगणना कराने का प्रयास करता रहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अफसरों की इस मनमानी के खिलाफ बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट आकर गांववालों ने हुंकार भरी। डीएम को प्रार्थनापत्र देकर पुनर्मतगणना की मांग की। अनदेखी पर गांववालों ने कलेक्ट्रेट में धरना देने की चेतावनी भी दी है।