गांवों में अधूरे पड़े विकास कार्यों को पूरा कराने के साथ ही श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराने के लिए जनपद में 21 से 28 दिसंबर तक मनरेगा दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान मनरेगा मजदूरों से तालाबों, नालियों की खुदाई और जमीन समतलीकरण जैसे काम कराए जाएंगे। कलेक्ट्रेट में बृहस्पतिवार को बैठक करके प्रभारी डीएम सीडीओ ने इसकी रूपरेखा तय की। बीडीओ, ग्राम विकास अधिकारियों और ग्राम रोजगार सेवकों को इसकी जिम्मेदारी दी।
मनरेगा दिवस के आयोजन के मद्देनजर बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रभारी डीएम सीडीओ डॉ.अरविंद चौरसिया ने बैठक की। इस दौरान मनरेगा योजना से अधूरे पड़े विकास कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही 21 से 28 दिसंबर तक आयोजित होने वाले मनरेगा दिवस की रूपरेखा बनाई गई। मनरेगा से जुडे़ सभी कार्यो की बिन्दुआर समीक्षा करते हुए सीडीओ ने खंड विकास अधिकारियों को जाबकार्डधारक मजदूरों से अधूरे पड़ी तालाब की खुदाई, नाली निर्माण और जमीन समतलीकरण का काम कराने का निर्देश दिया। कहा कि इससे मनरेगा से होने वाले अधूरे कार्य भी पूरे होंगे। वहीं मजदूरों को रोजगार भी मुहैया होगा। इस मौके पर श्रम रोजगार उपायुक्त रविशंकर राय, खंड विकास अधिकारी चायल मीरा गुप्ता, दुर्योधन कुमार, शरद कुमार श्रीवास्तव, कमलेश कुमार, अखिलेश कुमार त्रिपाठी, सुनील कुमार तिवारी, ओपी मिश्र आदि मौजूद रहे।