सड़क हादसे में शनिवार की सुबह महगांव के 15 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। स्कूल जाते समय गांव के समीप ही उसे ट्रक ने कुचल दिया। सड़क पर खून से लथपथ छात्र की लाश देख गांववालों का गुस्सा फूट पड़ा। चालक के भागने से भड़के ग्रामीण सड़क पर उतर आए। गिरफ्तारी की मांग करते हुए लोगों ने घंटेभर तक कानपुर-इलाहाबाद मार्ग जाम रखा। ट्रक में तोड़फोड़ की। घंटे भर की मशक्कत के बाद पुलिस ने समझा-बुझाकर लोगों का शांत कराया। पुलिस ने छानबीन करने के बाद शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है। छात्र की मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा है।
पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के महगांव निवासी अशर्फीलाल दिवाकर कपड़े धुलने और उन्हें प्रेस करने का पुश्तैनी धंधा करता है। उसके 6 बच्चों में तीन बेटे और 3 बेटियां हैं। दूसरे नंबर का बेटा दीपक कुमार (15) महगांव इंटर कालेज में 9 वीं क्लास का छात्र था। शनिवार की सुबह करीब 9 बजे वह साइकिल से स्कूल जा रहा था। वह जैसे ही गांव से बाहर निकलकर इलाहाबाद-कानपुर मुख्यमार्ग पर पहुंचा। तभी इलाहाबाद की ओर से आ रहे ट्रक की चपेट में आ गया। टक्कर लगने से सड़क पर गिरे छात्र को कुचलते हुए ट्रक निकल गया। उसकी मौत हो गई।
हादसा देख आसपास के लोग दौड़े। सड़क पर दीपक की खून से लथपथ लाश देख लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने दुर्घटना करके भागे ट्रक का पीछा किया। गांववालों को आता देख चालक ट्रक छोड़कर भाग निकला। लोगों ने ट्रक पर ही अपना गुस्सा निकाला। तोड़फोड़ की। साथ ही ग्रामीणों ने जीटी रोड जाम कर दिया।
हादसे में छात्र की मौत और मुख्यमार्ग पर चक्काजाम की खबर लगते ही मौके पर पहुंची पुरामुफ्ती पुलिस ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की। करीब घंटेभर की मशक्कत के बाद एसओ ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया। 24 घंटे के भीतर चालक की गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने पर लोग शांत हुए। इसके बाद पुलिस शव पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। उधर, अचानक हुई किशोर की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गांव में भी मातम पसरा है।