जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव के दौरान बसपा नेता गिरीश पासी की पत्नी का चुनाव एजेंट बनना रतगहा गांव के एक व्यक्ति पर भारी पड़ रहा है। गांव के ही कुछ विपक्षी उसकी जान के दुश्मन बने हैं। बुधवार रात भी इन विपक्षियों ने उसके साथ मारपीट की। गला घोंटकर जान लेने की कोशिश की गई। गांववालों के बीच बचाव से उसकी जान बची। भुक्तभोगी ने गांव के ही दो लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर पुलिस को दी है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। रात में हुई घटना से युवक और उसके परिवार के लोग सहमे हैं।
चरवा थाना क्षेत्र के रतगहा गांव निवासी राकेश पटेल जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में बसपा नेता गिरीश पासी की पत्नी शिखा सरोज का चुनाव एजेंट था। बताया कि बुधवार रात वह गांव में ही आयोजित एक दावत में शामिल होने गया था। दूसरी पार्टी से ताल्लुक रखने वाले दो सगे भाई उसके भिड़ गए। कहासुनी के दौरान दोनों भाईयों ने उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं गला दबाकर उसकी जान लेने की भी कोशिश की गई।
चीखने-चिल्लाने पर आसपास के रहे लोग दौड़े। ग्रामीणों के बीच बचाव से उसकी जान बची। लोगों के आने पर हमलावर युवक उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां देते हुए चले गए। भुक्तभोगी ने घटना की नामजद तहरीर चरवा थाने में दी है। उसने इन युवकों से अपनी जान का खतरा होने की भी आशंका जाहिर की है। उधर, पुलिस ने खबर लिखे जाने तक एफआईआर नहीं लिखी थी। रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर भुक्तभोगी राकेश पटेल ने बृहस्पतिवार को इस घटना की शिकायत सीओ चायल से भी की। सीओ ने घटना की जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा भुक्तभोगी को दिलाया है।