कौशाम्बी में डेंगू का जानलेवा कहर थम नहीं रहा है। करारी, चायल के बाद अब इस खतरनाक बीमारी ने मंझनपुर और कोखराज इलाके में भी कहर ढाना शुरू कर दिया है। मंझनपुर के भडे़सर गांव में तो रविवार को एक किशोर की मौत भी हो गई थी। वहीं तीन लोग अब भी डेंगू की चपेट में आकर जीवन-मौत से जूझ रहे हैं। इसी तरह से कोखराज के हर्रायपुर गांव में भी डेंगू का प्रकोप बना हुआ है। गांव के 5 लोग डेंगू की चपेट में आकर इलाहाबाद के विभिन्न अस्पताल में भर्ती हैं।
कौशाम्बी में महीनेभर से डेंगू जानलेवा बना हुआ है। इसकी चपेट में आने से माहभर के भीतर 20 लोगों की जान जा चुकी है। मौत का यह सिलसिला थमा नहीं है। रविवार की रात मंझनपुर के भड़ेसर गांव के किशोर नीरज की सांसें थम गई थी।
वहीं गांव की नन्हीं देवी (40) पत्नी राम विशाल, आलोक कुमार (10) पुत्र रामअवध पासी, रामू (30) पुत्र गंगा प्रसाद भी डेंगू की चपेट में आकर बीमार पड़े हैं। डेंगू का कहर कोखराज के हर्रायपुर गांव में भी है। गांव निवासी फैजान अहमद (30), अंजू देवी (22) पुत्री बच्चालाल, गुड्डू (40), अशर्फीलाल (40), रेनू देवी (20) भी डेंगू की चपेट में हैं। सोमवार को इनकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन लेकर इलाहाबाद गए। जहां जांच के दौरान इन सभी बुखार पीड़ितों को डेंगू पीड़ित बताया गया। गांव-गांव डेंगू का कहर होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर बेफिक्र बने हैं। मौतों के बाद भी डॉक्टरों की टीमें गांव जाकर बीमारों की जांच नहीं कर रही हैं। इसका लोगों में जबरदस्त गुस्सा भी है।