पशुपालन के नाम पर मोटी रकम देने का झांसा देकर राजस्थान का एक व्यक्ति क्षेत्र के सैकड़ों पशुपालकों को लूटकर भाग निकला। महीनों से कंपनी का दफ्तर बंद देख लोग परेशान हो उठे। खोजबीन के दौरान भी उक्त कंपनी के लोगों का कुछ पता नहीं चला। भुक्तभोगी किसानों ने शुक्रवार को घटना की शिकायत करारी थाने में दी। एसओ ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है।
करारी क्षेत्र के कोतारी, चमनगंज, फैजीपुर, लहना, अषाढ़ा, अशोक नगर आदि गांवों के किसानों ने बताया कि राजस्थान के एक व्यक्ति ने कस्बे में कंपनी का दफ्तर खोला था। उक्त कंपनी में दर्जन भर लोग काम करते थे। उन लोगों ने किसानों से संपर्क साधकर उन्हें कंपनी की पशुपालन योजना की जानकारी दी। साथ ही उन्हें बताया गया कि योजना के तहत 7, 14 और 17 हजार रुपये जमा करने वाले किसानों को चार साल बाद कंपनी 2 से 5 लाख रुपये उपलब्ध कराएगी।
कंपनी के कर्मचारियों के झांसे में आकर इन गांवों के सैकड़ों किसानों ने 7 से 17 हजार रुपये तक कंपनी में जमा कर दिया। किसानों की मानें तो अगस्त 2009 से लेकर जनवरी 2015 तक इस कंपनी के लोग गांवों में घूम-घूमकर किसानों, पशुपालकों से पैसा जमा कराते रहे। इधर, जनवरी के बाद से कंपनी की गतिविधियां धीरे-धीरे कम हो गईं। महीने भर से तो दफ्तर में ताला लटक रहा है क्योंकि अब किसानों को 5 साल पूरा होने पर पैसा मिलना चाहिए।
इधर, किसान पैसा जमा करने का कागज लेकर कंपनी के दफ्तर का चक्कर लगा रहे हैं। महीने भर से ताला बंद देख शुक्रवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। कोतारी गांव के हुबलाल, अषाढ़ा गांव के अफसर अली, फिरदौस आलम, फैजीपुर गांव के आसमा, मेराज अहमद, लहना के पन्नालाल, अशोक नगर के मुरादअली, चमनगंज के जैनुल हक आदि ने करारी थाने पहुंचकर इसकी तहरीर पुलिस को दी। एसओ राकेश यादव ने बताया कि घटना की छानबीन की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।