मंझनपुर। मांगे पूरी नहीं किए जाने से गुस्साए अध्यापकों ने बुधवार को तीसरे दिन भी बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्किताओं की जांच नहीं की। मूल्यांकन केंद्र परिसर में ही पूर्व एमएलसी लवकुश मिश्रा के साथ धरने पर बैठे शिक्षकों ने इस दौरान जीआईसी के अध्यापकों को भी कापियां नहीं जांचने दी। इस दौरान पूर्व एमएलसी ने शिक्षकों से एकजुट बने रहने का आह्वान किया। ऐलान किया कि जब तक शिक्षकों की सभी मांगें पूरी नहीं की जाती, वे मूल्यांकन कार्य नहीं करेंगे। उधर, प्रदर्शनकारी शिक्षकों के दिन-ब-दिन बढ़ते गुस्से के कारण बुधवार को मूल्यांकन केंद्र के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी तगड़ी की गई थी।
यूपी बोर्ड की परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 30 मार्च से होना था। इसके लिए कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कालेज भरवारी को केंद्र बनाया गया है। मूल्यांकन के लिए जिलेभर के स्कूलों के अध्यापकों की ड्यूटी भी लगाई गई है। पर, सभी शिक्षक वित्तविहीन स्कूल के अध्यापकों को मानदेय नहीं दिए जाने, तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण नहीं होने, पुरानी पेंशन नीति लागू नहीं करने जैसी मांगों को लेकर अध्यापक मूल्यांकन का बहिष्कार करते हुए धरने पर बैठ गए हैं। शिक्षकों का मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार और धरना बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा।
इस दौरान प्रदर्शनकारी शिक्षकों की मान-मनौव्वल को लगातार डीआईओएस और अन्य अफसर जुटे रहे, लेकिन शिक्षक बगैर मांग पूरी हुए धरना समाप्त करके कापियां जांचने को तैयार नहीं हैं। वहीं तीसरे दिन धरनास्थल पर पूर्व एमएलसी और शिक्षक महासभा के प्रांतीय महामंत्री लवकुश मिश्र भी हुंकार भरते रहे। उन्होंने शिक्षकों से एकजुट बने रहने का आह्वान किया। साथ ही ऐलान किया कि जबतक शिक्षकों की मांगे पूरी नहीं की जाती है कोई भी अध्यापक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच नहीं करेगी। इस मौके ओमप्रकाश मिश्र, प्रभाकर द्विवेदी, चंद्रकांत शुक्ल, अशोक मिश्र, महेंद्र प्रसाद, अनवर हुसैन खान, रामसुभग त्रिपाठी, अनिल श्रीवास्तव, राम सिंह यादव आदि शिक्षक मौजूद रहे।