मौसम की मार से जूझ रहे कौशाम्बी में भूख से किसी भी मौत होने पर सीधे एसडीएम और बीडीओ जिम्मेदार होंगे। जनपद के सूखाग्रस्त घोषित होने के बाद मंगलवार को डीएम ने मातहत अफसरों के साथ बैठक करके शासन के इस फरमान से उन्हें अवगत कराया। साथ ही अधिकारियों को क्षेत्र में घूमकर भुखमरी की कगार पर पहुंचे परिवारों को चिह्नित करने और उन्हें हरसंभव मदद और शासन की योजनाओं का लाभ मुहैया कराने का निर्देश दिया।
बता दे कि कौशाम्बी में मौसम की मार से गेंहू समेत रबी की सभी फसल किसान गंवा चुके हैं। इधर, मानसून के सीजन में बारिश नहीं होने से किसानों को धान समेत खरीफ की भी सभी फसल चौपट हो चुकी है। कृषि विभाग के मुताबिक जिले में इस मानसून में सिर्फ 47 फीसदी बारिश हुई है। इसे देखते हुए शासन ने कौशाम्बी को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। साथ ही अफसरों को सूखे से प्रभावित परिवारों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने का फरमान भी जारी किया है।
शासन से आए निर्देश को लेकर मंगलवार को डीएम ने मातहतों के साथ कलेक्ट्रेट में बैठक की। बताया कि सूखे के कारण कई गरीब किसान परिवारों के सामने निवाले का संकट आ चुका है। ऐसे में यदि कोई भी व्यक्ति भूख से मरता है, तो इसके लिए एसडीएम और बीडीओ कसूरवार माने जाएंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने सभी एसडीएम और बीडीओ को प्रभावित परिवारों को चिह्नित करने, उन्हें अनाज समेत अन्य योजनाओं का लाभ मुहैया कराने, राहत कैंप स्थापित करने, अनाज, पशुओं के लिए चारा, टीकाकरण आदि की ग्रामसभावार सूची तैयार करने का निर्देश दिया।