जिले में चल रहे पंचायती चुनाव का असर परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के लिए बनने वाले मध्याह्न भोजन पर पड़ने लगा है। प्रधानों का खाता सीज होने से मिड डे मील की कनवर्जन कास्ट नहीं भेजी जा रही है। इसे लेकर स्कूलों के हेडमास्टर परेशान हैं। वहीं प्रधानाध्यापकों की शिकायत के मद्देनजर कनवर्जन कास्ट भुगतान की कवायद में विभागीय अफसर लगे हैं। बीएसए ने बताया कि प्रधानाध्यापक और प्रबंध समिति के अध्यक्ष के संयुक्त खाते में एमडीएम का पैसा भेजने की योजना बनाई जा रही है।
कौशाम्बी में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों की संख्या करीब 1400 है। इन स्कूलों में 2.50 लाख से भी ज्यादा बच्चे पंजीकृत हैं। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को मध्याह्न भोजन परोसा जाता है। इसके लिए शासन से ग्रामसभा के खाते में कनवर्जन कास्ट भेजी जाती है। इधर, पंचायत चुनाव चल रहा है। प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए हो रहे चुनाव के कारण ग्राम प्रधानों का खाता सीज कर दिया गया है। प्रधानों का बस्ता जमा करा लिए जाने से स्कूलों को भेजी जाने वाली कनवर्जन कास्ट का भुगतान भी महीनेभर से ठप है।
इसके कारण विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनवाने में प्रधानाध्यापकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। महीने भर से अपने खर्च से मिड-डे-मील बनवाने को मजबूर हेडमास्टरों ने भी अब हाथ खड़ा करना शुरू कर दिया है। इसकी जानकारी वे विभागीय अफसरों को दे चुके हैं। प्रधानाध्यापकों की ओर से लगातार कनवर्जन कास्ट की हो रही मांग को देखते हुए सोमवार को बेसिक शिक्षाधिकारी अशोक यादव ने जल्द इस समस्या के समाधान का भरोसा अध्यापकों को दिलाया। बीएसए ने बताया कि प्रधानों का खाता बंद होने की वजह से दिक्कतें आई हैं। कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि विद्यालयों में बनाई गई प्रबंध समिति को जोड़कर हेडमास्टर और समिति के अध्यक्ष के संयुक्त खाते में एमडीएम की कनवर्जन कास्ट भेजी जाए।