सिराथू (ब्यूरो)। मोहब्बतपुर पइंसा क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र घटमापुर में रविवार की रात हुई लूट की घटना को हजम करने में पुलिस जुटी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने लूटपाट की घटना पर ही संदेश जता दिया है। पुलिस ने मामले में उपकेंद्र कर्मियों पर लूट की झूठी कहानी गढ़ने का शक जाहिर किया है।
मोहब्बतपुर पइंसा थाना क्षेत्र के बिजली उपकेंद्र घटमापुर में 8 अक्तूबर की रात बदमाशों ने एसएसओ और अन्य कर्मचारियों को बंधक बनाकर 3 लाख रुपये का केबल लूट लिया था। मामले में अवर अभियंता ने लूट की तहरीर पइंसा थाने में दी है। उपकेंद्र में हुई सनसनीखेज घटना की तफ्तीश में जुटी पइंसा पुलिस ने प्रारंभिक जांच में वारदात होने पर ही संदेह जताया है। एसओ योगेंद्र सिंह का कहना है कि उपकेंद्र में लूटपाट की घटना होना प्रतीत नहीं हो रहा है। तर्क दिया कि दिसंबर 2012 में जिस 5 एमवीए के ट्रांसफार्मर से 35 लाख का उपकरण तेल समेत चोरी हुआ था।
उसमें तीन लाख की बची हुई कापर की तार कहां से आ गई? उन्होंने इस पूरे मामले में सविंदाकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया। बताया कि प्रारंभिक जांच में बयान के दौरान कोई भी कर्मचारी लूट की बाबत कुछ बता नहीं पा रहा है। ऐसे में फौरी तौर पर साफ है कि कहीं न कहीं लूट की यह घटना सही नहीं है। एसओ ने दावा किया कि एक-दो दिन के भीतर वह उपकेंद्र में हुई लूट की वारदात की सच्चाई सामने लाकर रख देगी।