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कई गांवों में हैंडपंपों से पानी निकलना बंद

Tue, 03 Nov 2015 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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बारा। अपेक्षाकृत कम बारिश होने के कारण कौशाम्बी में सूखे के असर अभी से दिखने लगा है। कछारी इलाके में हैंडपंप दगा देने लगे हैं। यमुना की तराई के ज्यादातर गांवों में 50 फीसदी हैंडपंपों से पानी निकलना बंद हो गया है। इससे लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि समस्या से अवगत कराने के बाद भी समाधान नहीं किया जा रहा है।
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कौशाम्बी के 498 गांवों में करीब 17 लाख लोग रहते हैं। इन्हें पानी उपलब्ध कराने के लिए 30 हजार से अधिक इंडिया मार्का हैंडपंप गांव-गांव लगाए गए हैं। इनमें से करीब 5000 हैंडपंप तो बरसों से खराब हैं। बताया जाता है कि रिबोर होने वाले हैंडपंपों को जलनिगम बजट के अभाव में ठीक नहीं करा पा रहा है। वहीं इस साल सामान्य से भी कम बरसात हुई थी। इससे जहां धान समेत खरीफ सीजन की ज्यादातर फसलें चौपट हो गई थीं। वहीं सूखे का कहर अक्तूबर-नवंबर में ही सामने आने लगा है। गांवों में लगे हैंडपंप पानी छोड़ने लगे हैं।


 यमुना की तराई में बसे मेड़रहा, लक्ष्मनापुर, ढेकहाई, गोपसहसा, बारा, गढ़वा, कोसम इनाम आदि कई गांवों में अभी से हैंडपंपों से पानी निकलना बंद हो गया है। कौशाम्बी ब्लाक के मेड़रहा गांव में ही देखें तो यहां 11 हैंडपंप लगे हैं। महीनेभर के भीतर इनमें से 6 हैंडपंपों से पानी नहीं निकल रहा है। इतना ही नहीं दो हैंडपंप ऐसे हैं, जिनसे गंदा पानी
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 निकलता है। गांव के प्रमोद कुमार गर्ग, भगौती प्रसाद ने बताया कि उनके घर के सामने हैंडपंप लगे हैं। महीनेभर से इन हैंडपंपों से पानी नहीं निकल रहा है। ग्राम विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारी और जलनिगम के अफसरों को दिक्कतों से अवगत कराया गया। इसके बाद भी हैंडपंप ठीक नहीं कराए जा रहे हैं।

 इसके कारण पानी की समस्या बनी हुई है। गोपसहसा गांव के बेलवा, रामचरण, कंधईलाल, श्याम नारायण, लक्ष्मनापुर गांव के ज्ञानेंद्र कुमार, रमेश कुमार, शिवसंपत आदि ने भी बताया कि शिकायत के बाद भी पानी की समस्या से निजात नहीं दिलाई जा रही है।
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