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चायल में नहीं थम रहा डेंगू का कहर

Mon, 26 Oct 2015 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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दोआबा में डेंगू कहर जानलेवा बनता जा रहा है। चायल क्षेत्र के मातपुर, मीरापुर और महगांव गांव में तो इस बीमारी ने पूरे गांव में अपना पांव पसार लिया है। बीमारी की जद में आने से दर्जन भर से ज्यादा लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। इन सभी को इलाहाबाद के कॉल्विन और बेली हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। वहीं जिले में लगातार बढ़ रही बीमारी के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर पूरी तरह से खामोश बने हैं।
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चायल तहसील क्षेत्र के मातपुर गांव में पखवारे भर से डेंगू का कहर लोगों पर टूट रहा है। बुखार की जद में आकर कई दिनों से तप रहे गांव के वीरेन्द्र कुमार (35), बृजभूषण (32), सक्षम (10), महेश कुमार (45), राजेन्द्र प्रसाद (52), डाली देवी (05), ऊषा देवी (35), कमलेश कुमार (42) की तबीयत बिगड़ने पर घरवालों ने उन्हें इलाहाबाद के कॉल्विन हास्पिटल में भर्ती कराया। इसी तरह से क्षेत्र के मीरापुर गांव निवासी अमित कुमार (25), राकेश कुमार (20) और  महगांव निवासी समीम उल्ला (35) और किश्वरी बेगम (30) भी 10 दिनों से बीमार पड़ी हैं। शुक्रवार को इन सभी बीमारों की भी तबीयत नाजुक हो गई।

घबराए परिजनों ने इन्हें बेली हास्पिटल इलाहाबाद में दाखिल कराया है। बेली हास्पिटल में भर्ती शमीम अहमद के भतीजे फैजी जाफरी ने बताया कि बेली हास्पिटल में जांच के बाद डॉक्टरों ने डेंगू होने की पुष्टि की है। इसी तरह अन्य बीमारों के परिजनों के मानें तो सभी पीड़ितों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इलाहाबाद में इसी का इलाज भी चिकित्सक कर रहे हैं। वहीं देखें तो जिले के अन्य हिस्सों में भी इसका प्रकोप बना हुआ है।
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 कौशाम्बी के बिजिया गांव की रहने वाली गिरिजा देवी (40) की भी 10 दिनों से तबीयत खराब है। स्थानीय उपचार से राहत नहीं मिलने पर परिजनों ने रविवार को उसे भी इलाहाबाद में भर्ती कराया। इसके अलावा सरायअकिल कस्बे के भी तीन बच्चों की हालत डेंगू की चपेट में आने से गंभीर बनी हुई है। चायल क्षेत्र में डेगूं का कहर दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। फिर भी स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी बेफिक्र बने हैं। मामले में चायल पीएचसी प्रभारी डॉ मुक्तेश द्विवेदी का कहना है कि गांव-गांव दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में भी उपचार की समुचित व्यवस्था की गई है।
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