शाहपुर उपकेंद्र से गांवों में सप्लाई को खींची गई महेवाघाट की लाइन जर्जर होने से लोग परेशान हैं। आए दिन तार टूटकर गिरने से जहां कई-कई दिन बिजली आपूर्ति ठप रहती है वहीं ट्रिपिंग के कारण लोगों को रात-दिन मिलाकर एकमुश्त 2 घंटे भी बिजली मिलनी मुश्किल है। शिकायत के बाद भी तार नहीं बदले जाने से लोगों में आक्रोश है।
यमुना की तराई में बसे गांवों को बिजली आपूर्ति के लिए शाहपुर गांव में 33 केवीए का उपकेंद्र स्थापित किया गया है। इससे खींचे गए महेवाघाट फीडर से उमरावां, अहिरन का पुरा, बैरागीपुर, रामनगर, यमुनापुर, सन्यासीपुर, मवई, निगहा, नैनी, खुटहा, टिकरा, ढेरहा, तिवारी का पुरा, हिनौता आदि गांवों में बिजली की सप्लाई की जाती है। निगहा गांव के रुस्तम सिंह, नीरज, सूरज, बृजेश कुमार द्विवेदी, लल्लन प्रसाद, लल्लू निषाद, रामरूप निषाद आदि ने बताया कि बरसों पहले खींची गई इस लाइन का तार पूरी तरह से जर्जर हो चुका है।
इसके कारण आए दिन तार टूटकर गिरता रहता है। तार टूटने की चपेट में आने से कई मवेशियों की जान भी जा चुकी है। किसी भी रोज जनहानि भी संभव है। वहीं तार टूटने के बाद जहां कई-कई दिन गांवों में बिजली की सप्लाई बंद रहती है। वहीं ट्रिपिंग की समस्या भी नासूर बनी हुई है। ग्रामीणों की मानें तो सप्लाई के दौरान घंटे-आधे घंटे पर लाइन में फाल्ट के कारण बत्ती गुल होती रहती है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को हो रही है। नलकूप नहीं चल पाने के कारण फसलों की सिंचाई नहीं हो पाती है। बिजली की कटौती से ही किसान अब तक आलू, सरसों, मटर, चना आदि की बुआई नहीं कर सके हैं। लोगों का कहना है कि कई बार इसकी शिकायत एसडीओ, जेई से की गई। इसके बाद भी तारों को बदला नहीं जा रहा है। बिजली विभाग के अफसरों की इस अनदेखी का ग्रामीणों में गुस्सा है।